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Saturday, May 5, 2018

After The Gangrape The Minor Burnt Alive - गैंगरेप के बाद नाबालिग को परिवार के सामने जिंदा जलाया, पुलिस बोली- अब तक 14 गिरफ्तार

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क्राइम डेस्क, अमर उजाला, झारखंड
Updated Sat, 05 May 2018 02:56 PM IST



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झारखंड में एक नाबालिग के साथ दरिंदगी ही नहीं इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली वारदात को अंजाम दिया गया है। आरोप है कि उसके साथ गैंगरेप किया गया और फिर उसे जिंदा जला दिया गया। झारखंड पुलिस आईजी का कहना है कि वारदात के 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। आईजी आशीष बत्रा ने कहा कि पीड़िता को जलाकर मार दिया गया और पंचायत ने आरोपियों पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया और 100 उठक-बैठक करा कर छोड़ दिया। 

पीड़ित परिवार ने बताया कि इस मामले में पंचायत ने अजीबो-गरीब फरमान जारी किया। पंचायत ने पीड़ित परिवार को कहा कि मामले को रफा-दफा करने के लिए आरोपी से 100 उठक-बैठक करने का फैसला किया। साथ ही पीड़ित परिवार को 50 हजार रुपये बतौर मुआवजा दिलवाने का वायदा भी किया। 

आरोपियों की दबंगई ने सारी हदें उस वक्त पार कर दी थी जब उन्होंने पीड़ित परिवार की भी पिटाई की जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। मामला झारखंड के चतरा जिले के ईटखोरी थाना क्षेत्र के राजा तेंदुआ गांव का है। 

बता दें कि गांव के सम्मत रविदास की नाबालिग बेटी रानी अपने चाचा की शादी में शामिल हुई थी। इसी दौरान चार दरिंदे बच्ची को जबरन उठाकर ले गए जहां आरोपियों ने नाबालिग के साथ-बारी बारी से रेप किया। घटना के बाद पीड़िता ने परिजनों को आपबीती सुनाई। इसके बाद गांव में पंचायात बुलाई गई। 

इंसाफ के नाम पर आरोपियों को सजा सुनाने के पंचायत के इस अजीबोगरीब फैसले ने पीड़ित पक्ष के लिए मुश्किलें खड़ी कर दी। आरोपी पक्ष आगबबूला हो गए और गुस्से में पीड़िता के घर पहुंच गए। जहां उन्होंने बच्ची को जिंदा जला दिया। इस दौरान जब परिजनों ने बचाने की कोशिश की तो उनकी जमकर पिटाई की गई। जिससे उनको गंभीर चोटें आई हैं। 

पीड़ित परिवार का कहना है कि गांव के धनू भुइयां ने अपने साथियों के साथ मिलकर बच्ची के साथ दुष्कर्म किया। घटना के बाद यह बात आग की तरह फैल गई जिसके बाद गांव में पंचायत बुलाई गई। 



झारखंड में एक नाबालिग के साथ दरिंदगी ही नहीं इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली वारदात को अंजाम दिया गया है। आरोप है कि उसके साथ गैंगरेप किया गया और फिर उसे जिंदा जला दिया गया। झारखंड पुलिस आईजी का कहना है कि वारदात के 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। आईजी आशीष बत्रा ने कहा कि पीड़िता को जलाकर मार दिया गया और पंचायत ने आरोपियों पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया और 100 उठक-बैठक करा कर छोड़ दिया। 


पीड़ित परिवार ने बताया कि इस मामले में पंचायत ने अजीबो-गरीब फरमान जारी किया। पंचायत ने पीड़ित परिवार को कहा कि मामले को रफा-दफा करने के लिए आरोपी से 100 उठक-बैठक करने का फैसला किया। साथ ही पीड़ित परिवार को 50 हजार रुपये बतौर मुआवजा दिलवाने का वायदा भी किया। 

आरोपियों की दबंगई ने सारी हदें उस वक्त पार कर दी थी जब उन्होंने पीड़ित परिवार की भी पिटाई की जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। मामला झारखंड के चतरा जिले के ईटखोरी थाना क्षेत्र के राजा तेंदुआ गांव का है। 

बता दें कि गांव के सम्मत रविदास की नाबालिग बेटी रानी अपने चाचा की शादी में शामिल हुई थी। इसी दौरान चार दरिंदे बच्ची को जबरन उठाकर ले गए जहां आरोपियों ने नाबालिग के साथ-बारी बारी से रेप किया। घटना के बाद पीड़िता ने परिजनों को आपबीती सुनाई। इसके बाद गांव में पंचायात बुलाई गई। 

इंसाफ के नाम पर आरोपियों को सजा सुनाने के पंचायत के इस अजीबोगरीब फैसले ने पीड़ित पक्ष के लिए मुश्किलें खड़ी कर दी। आरोपी पक्ष आगबबूला हो गए और गुस्से में पीड़िता के घर पहुंच गए। जहां उन्होंने बच्ची को जिंदा जला दिया। इस दौरान जब परिजनों ने बचाने की कोशिश की तो उनकी जमकर पिटाई की गई। जिससे उनको गंभीर चोटें आई हैं। 

पीड़ित परिवार का कहना है कि गांव के धनू भुइयां ने अपने साथियों के साथ मिलकर बच्ची के साथ दुष्कर्म किया। घटना के बाद यह बात आग की तरह फैल गई जिसके बाद गांव में पंचायत बुलाई गई। 





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अमेरिका के हवाई में 1975 के बाद सबसे तेज भूकंप, 14000 घरों में बिजली गुल

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होनोलुलु: हवाई में रिक्टर पैमाने पर 6.9 तीव्रता के भूकंप के झटके महसूस किए गए, जिसके बाद स्थानीय लोग अपने घरों से बाहर निकल आए. सीएनएन के मुताबिक, भूकंप के झटके शुक्रवार को दोपहर 12.32 बजे लेलानी एस्टेट्स के 16 किलोमीटर दक्षिणपश्चिम में महसूस किए गए. दुनिया के सबसे सक्रिय ज्वालामुखी किलाउए के फटने के बाद से देश में 110 से अधिक भूकंप आ चुके हैं. अमेरिकी भूगर्भीय सर्वेक्षण (यूएसजीएस) के भूवैज्ञानिक जैना पर्सले ने कहा कि गुरुवार (3 मई) दोपहर से यहां 119 भूकंप आ चुके हैं. यूएसजीएस का कहना है कि शुक्रवार (4 मई) को आया 6.9 तीव्रता का भूंकप 1975 के बाद से सबसे शक्तिशाली भूकंप था.


भूकंप के तुरंत बाद लगभग 14,000 घरों में बिजली गुल हो गई. सार्वजनिक सुरक्षा प्रशासक तालमेज मागनो ने शुक्रवार (4 मई) दोपहर संवाददाताओं को बताया कि स्थिति बेहतर नहीं हो रही. सीएनएन ने मागनो को हवाले से बताया, "बचाव एवं सुरक्षा कार्य जारी हैं." हवाई काउंटी के मेयर हैरी किम का कहना है कि सरकार सभी नागरिकों की मदद करेगी, इसमें वे लोग भी शामिल हैं, जो कुछ सामान लाने के लिए अपने घर जाना चाहते हैं.


हवाई के शांत पड़े ज्‍वालामुखी में विस्‍फोट    
दुनिया के एक सबसे सक्रिय ज्वालामुखी किलाएवा में हवाई के सबसे बड़े द्वीप के आवासीय क्षेत्र के पास विस्फोट होने से क्षेत्र के करीब 1,700 लोगों को इलाके को छोड़कर जाने को मजबूर होना पड़ा है. अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, बुधवार (2 मई) को ज्वालामुखी विस्फोट से लीलानी एस्टेट प्रभावित हुआ है और हवाई काउंटी सिविल डिफेंस ने निवासियों व साथ ही साथ लानीपुना गार्डेंस के लोगों से स्थानीय समुदायिक केंद्र में शरण लेने को कहा है. एक निवासी ने कहा कि सड़क पर लावा पूरी तरह से फैला था और उन्हें सल्फर व जले पेड़ों की गंध आ रही थी.


करीब 17,00 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया
हवाई के गवर्नर डेविड इगे ने कहा कि उन्होंने हजारों लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए नेशनल गार्ड के सैन्य संरक्षकों को सक्रिय किया है. उन्होंने ट्वीट किया, "मैं लीलानी एस्टेट व आसपास के इलाकों के निवासियों से निर्देशों का पालन करने का आग्रह करता हूं..कृपया सतर्क रहें और अपने परिवारों को सुरक्षित करने की तैयारी करें." सीएनएन ने गवर्नर की प्रवक्ता सिंडे मैकमिलन के हवाले से कहा, "लीलानी एस्टेट इलाके से करीब 17,00 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने का आदेश है."




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Friday, May 4, 2018

Time Match of North Korea and South Korea । ZEE जानकारीः दोनों नेताओं की मुलाकात के एक हफ्ते बाद North और South Korea समय भी मिला

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पिछले हफ़्ते North Korea और South Korea ने अपनी 68 साल पुरानी दुश्मनी को भूलकर एक दूसरे से हाथ मिलाया था. अब करीब एक हफ़्ते बाद इन दोनों देशों ने अपनी घड़ियां मिला ली हैं. North Korea और South Korea के रिश्तों वाली घड़ी 68 वर्षों से रुकी हुई थी. लेकिन, अब वक़्त बदल गया है. दीवार पर टंगी दो घड़ियों की ये तस्वीर 29 अप्रैल 2018 की है. ये उसी Peace House की तस्वीर है, जहां North Korea के सुप्रीम लीडर किम जोंग उन और South Korea के राष्ट्रपति Moon Jae-in की मुलाकात हुई थी. अगर आप दोनों घड़ियों को ध्यान से देखेंगे, तो ये पाएंगे, कि दोनों के समय में आधे घंटे का अंतर है. 


बांई तरफ की घड़ी South Korea के मुताबिक 11 बजकर 45 मिनट का समय दिखा रही है. जबकि दांई तरफ की घड़ी में North Korea के मुताबिक 11 बजकर 15 मिनट का समय दिख रहा है. अब आधे घंटे के इस फर्क की वजह को समझिए. किम जोंग उन.. ने वर्ष 2015 में Pyongyang Time बनाया था. इसके तहत North Korea ने अपना मानक समय South Korea से 30 मिनट पीछे कर लिया था. यानी पिछले 3 वर्षों से North Korea का समय South Korea से आधे घंटे पीछे चल रहा था. 


किम जोंग उन.. ने ये फैसला इसलिए लिया था, क्योंकि उपनिवेश काल से पहले North Korea का यही Time Zone, हुआ करता था. सन 1910 से लेकर 1945 तक North Korea पर जापान का शासन था. और उस वक्त जापान ने North Korea के Time को Tokyo के बराबर करने के लिए उसे आधा घंटा आगे कर दिया था. वर्ष 1945 में जापान के अधिकार क्षेत्र से बाहर आने के बावजूद, North Korea का Time Zone वर्ष 2015 तक नहीं बदला गया. फिर किम जोंग उन.. ने इस समय को अपने इतिहास के मुताबिक ठीक किया.


27 अप्रैल 2018 को जिस वक्त नॉर्थ और साउथ कोरिया के नेताओं की हंसती-मुस्कुराती तस्वीरें दुनिया देख रही थीं. उस वक्त किम जोंग उन थोड़े उदास थे. क्योंकि, जिस कमरे में बैठकर वो South Korea के राष्ट्रपति का इंतज़ार कर रहे थे, उसी कमरे की दीवार पर ये दोनों घड़ियां टंगी हुई थीं. Media रिपोर्ट्स के मुताबिक, किम जोंग उन ने उस दिन ये कहा था, कि दीवार पर टंगी हुई घड़ियों में Seoul Time और Pyongyang Time देखकर उन्हें बहुत पीड़ा हुई. और उसी वक्त उन्होंने ये फैसला किया, कि दोनों देशों के रिश्तों को मज़बूत करने के लिए, घड़ियों का समय मिलाना ज़रुरी है.


North Korea की आधिकारिक समाचार एजेंसी KCNA के मुताबिक, किम जोंग उन ने South Korea के Time Zone के हिसाब से वक्त मिलाने के लिए, अपने देश की घड़ियों को 30 मिनट आगे करने का फैसला लिया. वहां की संसद ने भी South Korea के Time Zone को अपनाने पर अपनी मंज़ूरी दे दी थी. और अब से कुछ देर पहले दोनों देशों की घड़ियों का वक्त एक जैसा हो गया है. North Korea का समय भारत के मुकाबले 3 घंटे आगे चलता है. इसलिए वहां पर तारीख बदल चुकी है, वहां पर 5 मई की तारीख शुरू हो चुकी है. 


South Korea ने किम जोंग उन के इस फैसले की तारीफ की है और कहा है, कि इस प्रतीकात्मक कदम से दोनों देशों के रिश्ते और भी ज़्यादा मज़बूत होंगे. इसके लिए South Korea ने भी एक अहम फैसला लिया है. जिसके तहत, वो अपने सीमावर्ती इलाकों में North Korea के खिलाफ दुष्प्रचार के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले Loudspeakers को हटा लेगा. इन दोनों ही देशों ने, Propaganda करने के लिए अपनी सरहदों पर सैकड़ों लाउडस्पीकर्स लगाए हुए हैं. लेकिन अब इस समस्या का समाधान भी निकाल लिया गया है.




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Body Of A 50 Year-old Rickshaw Puller, Accused Of Raping A Minor Girl In Andhra - 9 साल की बच्ची का रेप करने के बाद आरोपी ने की आत्महत्या

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क्राइम डेस्क, अमर उजाला
Updated Fri, 04 May 2018 07:28 PM IST





रेप



रेप
- फोटो : self







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आंध्र प्रदेश के गुंटूर जिले में एक 9 साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया है। घटना के बाद आरोपी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने बताया कि आरोपी ने अपने एक दोस्त को घटना के बारे में बताने के बाद आत्महत्या कर ली। आरोपी ने बच्ची के साथ रेप के बाद खेद व्यक्त किया था। फिलहाल पुलिस मामले में जांच कर रही है। 


इससे पहले पुलिस ने गुंटूर सहित पास के इलाकों में आरोपी की तलाश में झीलों, तालाबों और कृष्णा नदी पर ड्रोन तैनात किए थे। पुलिस ने बताया हमें जानकारी मिली थी कि 50 वर्षीय आरोपी सुब्बाया ने गांव के अपने एक दोस्त को बुलाया है। सुब्बया ने गुरुवार दोपहर अपने दोस्त से कहा कि वह आत्मसमर्पण करने के बजाय आत्महत्या करेगा। आईजी गोपाल राव ने कहा कि हमने नदी और उसके पास की झीलों में आरोपी को पकड़ने के लिए दर्जनों नावों को तैनात किया था।

बता दें कि घटना के बाद इलाके में विरोध उत्पन्न हो गया था। सैकड़ों लोगों ने सड़क जाम करते हुए आरोपी की गिरफ्तारी की मांग के लिए पुलिस स्टेशन का घेराव किया। साथ ही क्षेत्र में एक बंद का ऐलान भी किया। आरोपी सुब्बया पिछले कई वर्षों से दचेपल्ली में अकेला रह रहा था। उसकी परिवार से अनबन चल रही थी। घटना के बाद टिन की छत वाले घर को लोगों ने बुरी तरह से तोड़ दिया। आरोपी सुब्बया पेशे से रिक्शाचालक था। उसने लड़की को चॉकलेट और स्नैक्स देने का वादा किया और गांव के बाहरी इलाके में ले गया। जहां उसने बच्ची से रेप किया।   

रेप के बाद जब बच्ची घर आयी तो उसका खून बह रहा था, पूछने पर लड़की ने अपनी मां को पूरी घटना के बारे में बताया। जिसके बाद बच्ची को गुंटूर के सरकारी अस्पताल ले जाया गया। राज्य के मुख्यमंत्री चंद्र बाबू नायडू ने पीड़ित परिवार को पांच लाख रुपए देने की घोषणा की है। 





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Dm Suspendes Internet Services In Aligarh Till Midnight - Amu जिन्ना विवाद: अलीगढ़ में बढ़ा बवाल, 5 मई तक बंद रहेगी इंटरनेट सेवा

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अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में जिन्ना की तस्वीर को लेकर हुए बबाल के बाद सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाह के कारण इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई है। जिलधिकारी ने शुक्रवार दोपहर 2 बजे से 5 मई रात्रि 12 बजे तक के लिए इंटरनेट सेवा प्रतिबंधित की हैं।

अलीगढ़ के अपर जिलाधिकारी ने आदेश दिए हैं कि कोई भी व्यक्ति सोशल मीडिया पर यानि फेसबुक, व्हाट्सएप, ट्वीटर अथवा अन्य किसी एेप पर कोई ऐसा पोस्ट नहीं करेगा और न ही किसी ऐसे वस्तु या सामग्री को फारवर्ड या शेयर करेगा जिससे साम्प्रदायिक उन्माद को बढ़ावा मिलता हो। उन्होंने कहा कि कोई भी ऐसा पोस्ट ना डाला जाए जो साम्प्रदायिक समरसता को क्षति पहुचांता हो, साम्प्रदायिक सौहार्द पर विपरीत प्रभाव पड़ता हो या शांति व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता हो। 

उन्होंने कहा कि यदि कोई इन आदेशों का उल्लंघन करते हुए ऐसा करता है तो उसके विरुद्ध आईपीसी की धारा के तहत साम्प्रदायिक उन्माद भड़काने एवं साम्प्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने के कारण राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि वह पुन: स्पष्ट करते हुए कहना चाहते हैं कि मूलतः पोस्ट करने वाले तथा फॉरवर्ड करने वाले दोनों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।


एएमयू कुलपति पर 51 रुपये का इनाम

एएमयू में हुए बवाल के 24 घण्टे बाद भी कुलपति घटनास्थल तक नहीं आये। इसे लेकर छात्रों में बेहद आक्रोश था। इसी के चलते कुलपति के फोटो को सोशल मीडिया पर वायरल करते हुए 51 रुपये का इनाम घोषित किया गया है। एक फेसबुक आईडी से वायरल फोटो में उनको मिसिंग करार देते हुए धरना स्थल तक पहुंचाने वाले को 51 रुपये के इनाम की घोषणा की गई है। इस पर भी तरह-तरह के कमेंट आ रहे हैं।

गैरतलब है कि एएमयू में जिन्ना की तस्वीर लगी होने के कारण दो दिन पहले ही छात्रों और हिंदू संगठन के सदस्यों के बीच झड़प हुई थी। हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने भारत माता की जय और वंदे मातरम के नारे लगाते हुए एएमयू कैंपस में घुसने की कोशिश की थी। पूरे मामले को शांत कराने में पुलिस को बहुत परेशानी का सामना करना पड़ा। इसके बाद क्षेत्र में RAF की 2 कंपनी तैनात की गईं। 
वहीं छात्रों ने भी परीक्षा देने से इंकार कर दिया और कहा कि जिन पुलिस वालों ने उन पर लाठी चार्ज किया है उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। जबकि पुलिस वालों ने ऐसे किसी भी लाठीचार्ज से इंकार कर दिया था।

मामले की शुरुआत तब हुई जब जिन्ना की तस्वीर लगी होने पर सांसद सतीश कुमार गौतम भड़क गए थे। उन्होंने कुलपति प्रो. तारिक मंसूर को पत्र भेजकर यह तस्वीर लगाने का औचित्य पूछा था। दूसरी ओर एएमयू के जनसंपर्क कार्यालय ने उन्हें जवाब देते हुए कहा था कि यह तस्वीर छात्रसंघ भवन में लगी है। एएमयू प्रशासन छात्रसंघ के कार्यों में दखल नहीं देता। उन्होंने कहा था कि विभाजन से पहले वर्ष 1938 में मोहम्मद अली जिन्ना एएमयू में आए थे, उन्हें छात्रसंघ ने मानद सदस्यता दी थी। छात्रसंघ ने जिन लोगों को मानद सदस्यता दी है, उनकी तस्वीरें छात्रसंघ भवन में लगवाई गई हैं।



अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में जिन्ना की तस्वीर को लेकर हुए बबाल के बाद सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाह के कारण इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई है। जिलधिकारी ने शुक्रवार दोपहर 2 बजे से 5 मई रात्रि 12 बजे तक के लिए इंटरनेट सेवा प्रतिबंधित की हैं।


अलीगढ़ के अपर जिलाधिकारी ने आदेश दिए हैं कि कोई भी व्यक्ति सोशल मीडिया पर यानि फेसबुक, व्हाट्सएप, ट्वीटर अथवा अन्य किसी एेप पर कोई ऐसा पोस्ट नहीं करेगा और न ही किसी ऐसे वस्तु या सामग्री को फारवर्ड या शेयर करेगा जिससे साम्प्रदायिक उन्माद को बढ़ावा मिलता हो। उन्होंने कहा कि कोई भी ऐसा पोस्ट ना डाला जाए जो साम्प्रदायिक समरसता को क्षति पहुचांता हो, साम्प्रदायिक सौहार्द पर विपरीत प्रभाव पड़ता हो या शांति व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता हो। 

उन्होंने कहा कि यदि कोई इन आदेशों का उल्लंघन करते हुए ऐसा करता है तो उसके विरुद्ध आईपीसी की धारा के तहत साम्प्रदायिक उन्माद भड़काने एवं साम्प्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने के कारण राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि वह पुन: स्पष्ट करते हुए कहना चाहते हैं कि मूलतः पोस्ट करने वाले तथा फॉरवर्ड करने वाले दोनों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।






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फैल रही थीं ऐसी अफवाहें







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After Narendra Modi And Amit Shah Top Choice Of Karnataka Is Yogi Adityanath - मोदी और शाह के बाद कर्नाटक की टॉप च्वाइस योगी आदित्यनाथ

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के बाद यदि भाजपा में प्रचार के लिए किसी की सबसे अधिक मांग है तो वह उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हैं। योगी आदित्यनाथ भाजपा के लगातार स्टार प्रचारक बने हुए हैं और राज्य का मुख्यमंत्री बनने के बाद से प्रचार के लिए उनकी मांग बराबर बनी है। तटीय कर्नाटक में भी आदित्यनाथ की काफी मांग है। वह हुबली, उडुपी समेत दक्षिण कन्नड. तथा उत्तरी कन्नड़ में राजनीति का समीकरण बदल सकते हैं।

भाजपा के कर्नाटक चुनाव प्रचार में व्यस्त केन्द्रीय मंत्री का कहना है कि राज्य में वह न केवल जनसभा को संबोधित करेंगे, बल्कि रोड शो समेत अन्य प्रचार में भी शामिल होंगे। माना यह जा रहा है कि योगी चुनाव प्रचार के आखिरी दिन 10 मई तक राज्य में पार्टी के पक्ष में राजनीतिक समीकरण बनाने के लिए दर्जन भर से अधिक जन सभाओं को संबोधित कर सकते हैं।

कहां-कहां योगी ने किया प्रचार

मुख्यमंत्री बनने के बाद योगी ने गुजरात, हिमाचल और त्रिपुरा में भाजपा के पक्ष में प्रचार में हिस्सा लिया। गुजरात में योगी ने काफी दौरा किया था। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के बाद योगी आदित्यनाथ ही स्टार प्रचारक थे। त्रिपुरा में भाजपा को फहराने में उनकी काफी बड़ी भूमिका मानी जा रही है। इसी तरह से कर्नाटक विधानसभा चुनाव में भाजपा ने उन्हें स्टार प्रचारक के रूप में मैदान में उतारा है। माना जा रहा है कि कर्नाटक में योगी के प्रचार के बाद भाजपा वोटों के ध्रुवीकरण के एजेंडे को नया आकार देने में सफल हो सकती है। इससे कांग्रेस की उम्मीदों को कुछ झटका लगने की भी उम्मीद है।

क्यों है योगी की मांग

योगी आदित्यनाथ नाथ संप्रदाय से हैं। भगवाधारी हैं और हिन्दुत्व के प्रतीक के रूप में उन्हें भाजपा में देखा जा रहा है। कर्नाटक में तटीय कर्नाटक का क्षेत्र काफी संवेदनशील है। अल्पसंख्य भी बड़ी मात्रा में हैं। कर्नाटक का यही वह क्षेत्र है, जहां पिछले दो-तीन सालों में दो दर्जन के करीब भाजपा के कार्यकर्ताओं की हत्या हुई है और उन पर जानलेवा हमले हुए हैं। हुबली में ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कांग्रेस पर ईज ऑफ डूइंग मर्डर का आरोप लगाया था। माना जा रहा है कि यहां से राजनीति का सांप्रदायिक रंग वोटों के ध्रुवीकरण में सहायक हो सकता है। ऐसा हुआ तो पूरे कर्नाटक में चुनाव का गणित अपना असर दिखा सकता है। वैसे भी इस इलाके में लिंगायतों का ठीक-ठाक प्रभाव भी है।  दक्षिणी कन्नड़ तो भाजपा के गढ़ के रूप में गिना जाता है। वैसे भी कर्नाटक हर मठ-मंदिरों का राज्य है। योगी आदित्यनाथ इसके लिए काफी उपयुक्त समझे जा रहे हैं।



प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के बाद यदि भाजपा में प्रचार के लिए किसी की सबसे अधिक मांग है तो वह उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हैं। योगी आदित्यनाथ भाजपा के लगातार स्टार प्रचारक बने हुए हैं और राज्य का मुख्यमंत्री बनने के बाद से प्रचार के लिए उनकी मांग बराबर बनी है। तटीय कर्नाटक में भी आदित्यनाथ की काफी मांग है। वह हुबली, उडुपी समेत दक्षिण कन्नड. तथा उत्तरी कन्नड़ में राजनीति का समीकरण बदल सकते हैं।


भाजपा के कर्नाटक चुनाव प्रचार में व्यस्त केन्द्रीय मंत्री का कहना है कि राज्य में वह न केवल जनसभा को संबोधित करेंगे, बल्कि रोड शो समेत अन्य प्रचार में भी शामिल होंगे। माना यह जा रहा है कि योगी चुनाव प्रचार के आखिरी दिन 10 मई तक राज्य में पार्टी के पक्ष में राजनीतिक समीकरण बनाने के लिए दर्जन भर से अधिक जन सभाओं को संबोधित कर सकते हैं।

कहां-कहां योगी ने किया प्रचार

मुख्यमंत्री बनने के बाद योगी ने गुजरात, हिमाचल और त्रिपुरा में भाजपा के पक्ष में प्रचार में हिस्सा लिया। गुजरात में योगी ने काफी दौरा किया था। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के बाद योगी आदित्यनाथ ही स्टार प्रचारक थे। त्रिपुरा में भाजपा को फहराने में उनकी काफी बड़ी भूमिका मानी जा रही है। इसी तरह से कर्नाटक विधानसभा चुनाव में भाजपा ने उन्हें स्टार प्रचारक के रूप में मैदान में उतारा है। माना जा रहा है कि कर्नाटक में योगी के प्रचार के बाद भाजपा वोटों के ध्रुवीकरण के एजेंडे को नया आकार देने में सफल हो सकती है। इससे कांग्रेस की उम्मीदों को कुछ झटका लगने की भी उम्मीद है।

क्यों है योगी की मांग

योगी आदित्यनाथ नाथ संप्रदाय से हैं। भगवाधारी हैं और हिन्दुत्व के प्रतीक के रूप में उन्हें भाजपा में देखा जा रहा है। कर्नाटक में तटीय कर्नाटक का क्षेत्र काफी संवेदनशील है। अल्पसंख्य भी बड़ी मात्रा में हैं। कर्नाटक का यही वह क्षेत्र है, जहां पिछले दो-तीन सालों में दो दर्जन के करीब भाजपा के कार्यकर्ताओं की हत्या हुई है और उन पर जानलेवा हमले हुए हैं। हुबली में ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कांग्रेस पर ईज ऑफ डूइंग मर्डर का आरोप लगाया था। माना जा रहा है कि यहां से राजनीति का सांप्रदायिक रंग वोटों के ध्रुवीकरण में सहायक हो सकता है। ऐसा हुआ तो पूरे कर्नाटक में चुनाव का गणित अपना असर दिखा सकता है। वैसे भी इस इलाके में लिंगायतों का ठीक-ठाक प्रभाव भी है।  दक्षिणी कन्नड़ तो भाजपा के गढ़ के रूप में गिना जाता है। वैसे भी कर्नाटक हर मठ-मंदिरों का राज्य है। योगी आदित्यनाथ इसके लिए काफी उपयुक्त समझे जा रहे हैं।





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After 23 Years, Haj Pilgramage By Sea Route Likely To Resume - क्रूज से होगी हज यात्रा, 23 साल बाद फिर से होगी शुरू

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जल्द ही हज यात्रा पर जाना और सस्ता हो जाएगा। सरकार ने अगले साल से समुद्र मार्ग से हज यात्रा शुरू करने के लिए ग्लोबल टेंडर जारी कर दिए हैं। सरकार की कोशिश है कि मुंबई से जेद्दा तक का 2300 नॉटिकल मील का सफर 3 से 4 दिन में पूरा हो जाए।

अल्पसंख्यक मंत्रालय ने मंहगी हवाई हज यात्रा का सस्ता विकल्प खोज निकाला है। सरकार ने 23 साल बाद समुद्र के रास्ते से हज यात्रा शुरु करने का ऐलान किया है। अभी तक हवाई मार्ग से हज यात्रा काफी महंगी पड़ती थी, जो 2 लाख से ऊपर तक पहुंच जाती थी। लेकिन समुद्र के रास्ते मुंबई से जेद्दा तक का सफर 60 हजार रुपए तक कम होगा।

क्रूज में वर्ल्ड क्लास सुविधाएं

केन्द्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी के मुताबिक सरकार ने समुद्र यात्रा के लिए ग्लोबल टेंडर जारी कर दिए हैं। उनके मुताबिक जहाज में वर्ल्ड क्लास सुविधाएं होंगी और यात्रा में 3 से 4 दिन लगेंगे। यह जहाज कुल 15 ट्रिप लगाएगा, जिसमें एक बार में 5000 यात्री जा सकेंगे। यह जहाज एक बार में 2300 नॉटिकल मील (एक नॉटिकल मील में 1.8 किमी) का सफर तय करेगा।

नकवी के मुताबिक मंत्रालय के सचिव इस बारे में बातचीत करने के लिए जल्द ही सऊदी अरब रवाना होने वाले हैं। उनके मुताबिक सरकार का टारगेट है कि अगले साल तक कैसे भी हज यात्रा समुद्री मार्ग से शुरू हो जाए।


नकवी के मुताबिक सरकार ने सऊदी अरब के अधिकारियों से बातचीत करके हज यात्रा का कोटा भी बढ़वा दिया है। गौरतलब है कि सऊदी अरब अथॉरिटीज ने इस साल कई देशों का हज कोटा कम कर दिया है। उनके मुताबिक, आजादी के बाद पहली बार 2018 में भारत से रिकॉर्ड 1.75 लाख यात्री हज के लिए जायेंगे। वहीं इस बार हज पर जाने वालों में तकरीबन 47 फीसदी महिलाएं होंगी। इसके अलावा 1038 महिलाएं ऐसी होंगी, जो बिना किसी मैहरम या पुरुष अभिभावक के जाएंगी।

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को 2022 तक हज यात्रियों को हवाई सफर में मिलने वाली सब्सिडी को खत्म करने को कहा था। जिसके बाद सरकार ने इस साल हज यात्रियों को दी जाने वाली सालाना करीब 400 करोड़ की सब्सिडी की राशि घटाकर 200 करोड़ कर दी है। जिलके चलते इस बार प्रति यात्री हज यात्रा शुल्क 30 से 35 हजार रुपये तक ज्यादा हो गया है।

23 साल पहले आखिरी सफर

साल 1995 तक हज यात्रा समुद्री मार्ग से भी होती थी, जो मुंबई के मझगांव के येलो गेट से सऊदी अरब के जेद्दा तक होती थी। एमवी अकबरी जहाज से होने वाली यह यात्रा 10 से 15 दिनों में पूरी होती थी। लेकिन इस जहाज के काफी पुराने होने के बाद इस यात्रा को समाप्त कर दिया गया।

हज यात्रा में ज्यादा स्वास्थ्य सुविधाएं

नकवी के मुताबिक इस साल हज यात्रियों की सुविधाओं में भी इजाफा किया गया है। उन्होंने बताया कि इस बार हज यात्रियों की स्वास्थ्य जरूरतों का बेहद ख्याल रखा गया है। इसके लिए मक्का में 40 बिस्तरों वाले हॉस्पिटल, मदीना में 15 बिस्तरों वाला हॉस्पिटल और मक्का में डिस्पेंसरी की 10, मदीना में 3 और मक्का में 1 शाखाएं खोली गई हैं।



जल्द ही हज यात्रा पर जाना और सस्ता हो जाएगा। सरकार ने अगले साल से समुद्र मार्ग से हज यात्रा शुरू करने के लिए ग्लोबल टेंडर जारी कर दिए हैं। सरकार की कोशिश है कि मुंबई से जेद्दा तक का 2300 नॉटिकल मील का सफर 3 से 4 दिन में पूरा हो जाए।


अल्पसंख्यक मंत्रालय ने मंहगी हवाई हज यात्रा का सस्ता विकल्प खोज निकाला है। सरकार ने 23 साल बाद समुद्र के रास्ते से हज यात्रा शुरु करने का ऐलान किया है। अभी तक हवाई मार्ग से हज यात्रा काफी महंगी पड़ती थी, जो 2 लाख से ऊपर तक पहुंच जाती थी। लेकिन समुद्र के रास्ते मुंबई से जेद्दा तक का सफर 60 हजार रुपए तक कम होगा।

क्रूज में वर्ल्ड क्लास सुविधाएं

केन्द्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी के मुताबिक सरकार ने समुद्र यात्रा के लिए ग्लोबल टेंडर जारी कर दिए हैं। उनके मुताबिक जहाज में वर्ल्ड क्लास सुविधाएं होंगी और यात्रा में 3 से 4 दिन लगेंगे। यह जहाज कुल 15 ट्रिप लगाएगा, जिसमें एक बार में 5000 यात्री जा सकेंगे। यह जहाज एक बार में 2300 नॉटिकल मील (एक नॉटिकल मील में 1.8 किमी) का सफर तय करेगा।

नकवी के मुताबिक मंत्रालय के सचिव इस बारे में बातचीत करने के लिए जल्द ही सऊदी अरब रवाना होने वाले हैं। उनके मुताबिक सरकार का टारगेट है कि अगले साल तक कैसे भी हज यात्रा समुद्री मार्ग से शुरू हो जाए।






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आजादी के बाद पहली बार सबसे ज्यादा हज यात्री







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Thursday, May 3, 2018

विरोध के बाद भी चीन ने तैनात की क्रूज मिसाइल, कहा- दक्षिणी चीन समुद्र में एकछत्र राज

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बीजिंग: चीन ने विवादित दक्षिणी चीन समुद्र में ‘पोत भेदी क्रूज मिसाइल’ और ‘सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल प्रणाली’ की तैनाती पर कहा है कि इस क्षेत्र पर ‘निर्विवाद रूप से उसका आधिपत्य’ है. ‘दक्षिणी चीन समुद्र’ और ‘पूर्वी चीन समुद्र’ को लेकर चीन हमेशा विवाद में रहा है. वहीं चीन दक्षिणी चीन समुद्र के पूरे हिस्से पर अपना दावा करता रहा है जबकि वियतनाम, फिलीपींस, मलेशिया, ब्रुनेई और ताइवान इसके उलट दावा करते हैं.


यहां एक संवाददाता सम्मेलन में मिसाइल की कथित तैनाती पर विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनिइंग ने कहा, “चीन का नान्साहा (अलग नाम से पहचाना जानेवाला) द्वीप और इससे जुड़े द्वीप पर चीन का निर्विवाद रूप से आधिपत्य है. ”वियतनाम और ताइवान अलग अलग इस पर चीन के विरुद्ध दावे करते हैं.  


चीन ने दक्षिण चीन सागर में सैन्य जमावड़े को सही ठहराया
आपको बता दें कि चीन की सेना का कहना है कि विवादित दक्षिण चीन सागर में द्वीपों पर अपनी रक्षा प्रणाली को मजबूत करना उसका हक है. हालांकि चीन ने कहा कि ये उपाय किसी खास देश को ध्यान में रखकर नहीं किए गए हैं. रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता रेन गुओकियांग का बयान मंगलवार को ऐसे समय आया जब इससे पहले अमेरिका की नौसेना ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण सागर में तीन विमान वाहक पोत तैनात किये थे. इस सागर के ज्यादातर हिस्से पर चीन अपना अधिकार बताता है.


‘वॉल स्ट्रीट जर्नल’ ने कल खबर दी कि चीन ने क्षेत्र में सैन्य उपकरणों को जाम करने वाली प्रणाली लगाई है. मंत्रालय की वेबसाइट पर रेन के हवाले से कहा गया कि ऐसे उपाय करना चीन के अधिकार में है. उन्होंने कहा कि इससे उसकी संप्रभुता एवं सुरक्षा के साथ क्षेत्रीय शांति एवं स्थिरता के संरक्षण में मदद मिलेगी. 


दक्षिण चीन सागर में हालात अब भी उलझे हुए हैं
वियतनाम के राजदूत तोन सिन्ह थान्ह ने मंगलवार (27 फरवरी) को कहा कि दक्षिण चीन सागर में हालात ‘‘अब भी उलझे हुए’’ हैं, लेकिन सकारात्मक पहलू यह है कि चीन एवं दक्षिण-पूर्वी एशियाई देशों के संगठन (आसियान) ने आचार संहिता पर बातचीत शुरू करने की प्रतिबद्धता जाहिर की है ताकि सीमा क्षेत्र के दावों से निपटा जा सके. तोन ने कहा कि वियतनाम ‘‘अपने पड़ोसियों, खासकर चीन जैसे बड़े पड़ोसियों, को अहमियत देता है.’’ इस मुद्दे पर एक सवाल के जवाब में तोन ने पत्रकारों को बताया, ‘‘वहां के (दक्षिण चीन सागर के) हालात अब भी उलझे हुए हैं. वहां का घटनाक्रम सकारात्मक है, खासकर आचार संहिता को लेकर, जिसे चीन एवं आसियान दोनों ने मंजूरी दी है. उन्होंने आचार संहिता की बातचीत शुरू करने को लेकर प्रतिबद्धता जाहिर की है.’’


इनपुट भाषा से भी 




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