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Saturday, May 5, 2018

Swami chakrapani said AMU is mini pakistan, Ulema condemn | जिन्‍ना विवाद : स्‍वामी चक्रपाणि बोले

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हिंदू महासभा के अध्‍यक्ष चक्रपाणि के बयान पर देवबंदी उलेमाओं ने कहा कि बंटवारे के लिए नेहरू जिम्‍मेदार, जिन्‍ना का इसमें कोई कसूर नहीं.





जिन्‍ना विवाद : स्‍वामी चक्रपाणि बोले- 'एएमयू मिनी पाकिस्‍तान है, इसकी सफाई होनी चाहिए'

हिंदू महासभा के अध्‍यक्ष स्‍वामी चक्रपाणि के बयान पर देवबंदी उलेमाओं ने दी प्रतिक्रिया. (फाइल फोटाेे)







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Friday, May 4, 2018

Dm Suspendes Internet Services In Aligarh Till Midnight - Amu जिन्ना विवाद: अलीगढ़ में बढ़ा बवाल, 5 मई तक बंद रहेगी इंटरनेट सेवा

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अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में जिन्ना की तस्वीर को लेकर हुए बबाल के बाद सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाह के कारण इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई है। जिलधिकारी ने शुक्रवार दोपहर 2 बजे से 5 मई रात्रि 12 बजे तक के लिए इंटरनेट सेवा प्रतिबंधित की हैं।

अलीगढ़ के अपर जिलाधिकारी ने आदेश दिए हैं कि कोई भी व्यक्ति सोशल मीडिया पर यानि फेसबुक, व्हाट्सएप, ट्वीटर अथवा अन्य किसी एेप पर कोई ऐसा पोस्ट नहीं करेगा और न ही किसी ऐसे वस्तु या सामग्री को फारवर्ड या शेयर करेगा जिससे साम्प्रदायिक उन्माद को बढ़ावा मिलता हो। उन्होंने कहा कि कोई भी ऐसा पोस्ट ना डाला जाए जो साम्प्रदायिक समरसता को क्षति पहुचांता हो, साम्प्रदायिक सौहार्द पर विपरीत प्रभाव पड़ता हो या शांति व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता हो। 

उन्होंने कहा कि यदि कोई इन आदेशों का उल्लंघन करते हुए ऐसा करता है तो उसके विरुद्ध आईपीसी की धारा के तहत साम्प्रदायिक उन्माद भड़काने एवं साम्प्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने के कारण राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि वह पुन: स्पष्ट करते हुए कहना चाहते हैं कि मूलतः पोस्ट करने वाले तथा फॉरवर्ड करने वाले दोनों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।


एएमयू कुलपति पर 51 रुपये का इनाम

एएमयू में हुए बवाल के 24 घण्टे बाद भी कुलपति घटनास्थल तक नहीं आये। इसे लेकर छात्रों में बेहद आक्रोश था। इसी के चलते कुलपति के फोटो को सोशल मीडिया पर वायरल करते हुए 51 रुपये का इनाम घोषित किया गया है। एक फेसबुक आईडी से वायरल फोटो में उनको मिसिंग करार देते हुए धरना स्थल तक पहुंचाने वाले को 51 रुपये के इनाम की घोषणा की गई है। इस पर भी तरह-तरह के कमेंट आ रहे हैं।

गैरतलब है कि एएमयू में जिन्ना की तस्वीर लगी होने के कारण दो दिन पहले ही छात्रों और हिंदू संगठन के सदस्यों के बीच झड़प हुई थी। हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने भारत माता की जय और वंदे मातरम के नारे लगाते हुए एएमयू कैंपस में घुसने की कोशिश की थी। पूरे मामले को शांत कराने में पुलिस को बहुत परेशानी का सामना करना पड़ा। इसके बाद क्षेत्र में RAF की 2 कंपनी तैनात की गईं। 
वहीं छात्रों ने भी परीक्षा देने से इंकार कर दिया और कहा कि जिन पुलिस वालों ने उन पर लाठी चार्ज किया है उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। जबकि पुलिस वालों ने ऐसे किसी भी लाठीचार्ज से इंकार कर दिया था।

मामले की शुरुआत तब हुई जब जिन्ना की तस्वीर लगी होने पर सांसद सतीश कुमार गौतम भड़क गए थे। उन्होंने कुलपति प्रो. तारिक मंसूर को पत्र भेजकर यह तस्वीर लगाने का औचित्य पूछा था। दूसरी ओर एएमयू के जनसंपर्क कार्यालय ने उन्हें जवाब देते हुए कहा था कि यह तस्वीर छात्रसंघ भवन में लगी है। एएमयू प्रशासन छात्रसंघ के कार्यों में दखल नहीं देता। उन्होंने कहा था कि विभाजन से पहले वर्ष 1938 में मोहम्मद अली जिन्ना एएमयू में आए थे, उन्हें छात्रसंघ ने मानद सदस्यता दी थी। छात्रसंघ ने जिन लोगों को मानद सदस्यता दी है, उनकी तस्वीरें छात्रसंघ भवन में लगवाई गई हैं।



अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में जिन्ना की तस्वीर को लेकर हुए बबाल के बाद सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाह के कारण इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई है। जिलधिकारी ने शुक्रवार दोपहर 2 बजे से 5 मई रात्रि 12 बजे तक के लिए इंटरनेट सेवा प्रतिबंधित की हैं।


अलीगढ़ के अपर जिलाधिकारी ने आदेश दिए हैं कि कोई भी व्यक्ति सोशल मीडिया पर यानि फेसबुक, व्हाट्सएप, ट्वीटर अथवा अन्य किसी एेप पर कोई ऐसा पोस्ट नहीं करेगा और न ही किसी ऐसे वस्तु या सामग्री को फारवर्ड या शेयर करेगा जिससे साम्प्रदायिक उन्माद को बढ़ावा मिलता हो। उन्होंने कहा कि कोई भी ऐसा पोस्ट ना डाला जाए जो साम्प्रदायिक समरसता को क्षति पहुचांता हो, साम्प्रदायिक सौहार्द पर विपरीत प्रभाव पड़ता हो या शांति व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता हो। 

उन्होंने कहा कि यदि कोई इन आदेशों का उल्लंघन करते हुए ऐसा करता है तो उसके विरुद्ध आईपीसी की धारा के तहत साम्प्रदायिक उन्माद भड़काने एवं साम्प्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने के कारण राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि वह पुन: स्पष्ट करते हुए कहना चाहते हैं कि मूलतः पोस्ट करने वाले तथा फॉरवर्ड करने वाले दोनों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।






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फैल रही थीं ऐसी अफवाहें







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Mukhtar Abbas Naqvi said AMU should not be stubborn to remove Jinnah's portrait

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योगी के मंत्री की अमेरिका को सलाह, भारत से रिश्‍ता चाहिए तो UP को इग्‍नोर नहीं कर सकते





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Thursday, May 3, 2018

Mukhtar Abbas Naqvi said AMU should not be stubborn to remove Jinnah's portrait | मुख्तार अब्बास नकवी बोले

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Amu Portrait Row: Jinnah Can Not Be Tlerated Says Up Cm Yogi - जिन्ना का महिमामंडन बर्दाश्त नहीं, जल्द होगी कार्रवाई: Cm योगी

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बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 04 May 2018 03:18 AM IST


मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
- फोटो : अमर उजाला


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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बृहस्पतिवार को कहा है कि पाकिस्तान के जनक मोहम्मद अली जिन्ना का महिमामंडन बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। एएमयू मामले की जांच रिपोर्ट आने पर सरकार जल्द कार्रवाई करेगी। इस मामले में कोई कोताही नहीं बरती जाएगी।

एमएयू में जिन्ना की तस्वीर पर बुधवार को उठे बवाल पर मुख्यमंत्री ने सरकार कर नजरिया स्पष्ट करते हुए कहा कि, जिन्ना ने हमारे देश का बंटवारा किया। हम किस तरह जिन्ना की उपलब्धियों का बखान कर सकते हैं? उन्होंने कहा कि देश में जिन्ना का महिमामंडन किसी हालत में बर्दाश्त योग्य नहीं है। सरकार ने एमएयू मामले में जांच के आदेश दिए हैं। रिपोर्ट आते ही एक्शन लिया जाएगा।

विश्वविद्यालय में तनाव बरकरार
वहीं बुधवार को हुए बवाल एवं लाठीचार्ज के बाद अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में गुरुवार को भी तनाव बरकरार रहा। आक्रोशित छात्रों ने पुलिस-प्रशासन एवं मीडिया को निशाना बनाया तथा उनके ऊपर पत्थर फेंके। इससे विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार ‘बाब-ए-सैयद’ से लेकर एएमयू सर्किल तक भगदड़ मच गई। 

छात्र नेताओं की ओर से भाजपा सांसद सतीश गौतम, संघ, विहिप, हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ताओं एवं सीओ सिटी के खिलाफ एडीएम सिटी एवं एसपी सिटी को तहरीर दी गई।

छात्रों ने एलान किया है कि जब तक एएमयू कैंपस में आकर चुनौती देने वाले हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार नहीं किया जाता, उनका धरना जारी रहेगा। गुरुवार को जिलाधिकारी ने बुधवार के घटनाक्रम के मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए हैं।

एएमयू छात्रों की धरना सभा में पूर्व केंद्रीय मंत्री अली अशरफ फातमी, पूर्व विधायक हाजी जमीरउल्लाह भी शामिल हुए। छात्रों ने सांसद सतीश गौतम, योगी आदित्यनाथ एवं आरएसएस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। एएमयू छात्रों पर लाठी चार्ज एवं आंसू गैस के गोले दागे जाने के बाद उनका आक्रोश सातवें आसमान पर है। बाब-ए-सैयद पर उनका धरना दूसरे दिन भी जारी है। 

एएमयू के शिक्षक एवं कर्मचारी नेताओं ने भी छात्रों के आंदोलन को समर्थन दे दिया है। छात्रों ने पांच दिन तक अनेक शैक्षणिक कार्य बंद रखने का एलान किया है। छात्र गुरुवार को कक्षाएं, प्रैक्टिकल एवं परीक्षाएं स्थगित कर बाब-ए-सैयद पर पहुंच गये।

इसी बीच कवरेज के लिए पहुंचे मीडिया कर्मियों को देखकर छात्र भड़क गए और गोदी मीडिया का नारा लगाते हुए उन्हें दौड़ा दिया। इसमें एक महिला पत्रकार भी थी। मीडिया कर्मी किसी तरह कैमरा आदि लेकर भागे। पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने हस्तक्षेप कर मीडिया कर्मियों को छात्रों के सामने से हटाया। दोपहर में भी ऐसी ही घटना हुई और एक मीडियाकर्मी को छात्रों ने दौड़ा दिया। 



मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बृहस्पतिवार को कहा है कि पाकिस्तान के जनक मोहम्मद अली जिन्ना का महिमामंडन बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। एएमयू मामले की जांच रिपोर्ट आने पर सरकार जल्द कार्रवाई करेगी। इस मामले में कोई कोताही नहीं बरती जाएगी।


एमएयू में जिन्ना की तस्वीर पर बुधवार को उठे बवाल पर मुख्यमंत्री ने सरकार कर नजरिया स्पष्ट करते हुए कहा कि, जिन्ना ने हमारे देश का बंटवारा किया। हम किस तरह जिन्ना की उपलब्धियों का बखान कर सकते हैं? उन्होंने कहा कि देश में जिन्ना का महिमामंडन किसी हालत में बर्दाश्त योग्य नहीं है। सरकार ने एमएयू मामले में जांच के आदेश दिए हैं। रिपोर्ट आते ही एक्शन लिया जाएगा।

विश्वविद्यालय में तनाव बरकरार
वहीं बुधवार को हुए बवाल एवं लाठीचार्ज के बाद अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में गुरुवार को भी तनाव बरकरार रहा। आक्रोशित छात्रों ने पुलिस-प्रशासन एवं मीडिया को निशाना बनाया तथा उनके ऊपर पत्थर फेंके। इससे विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार ‘बाब-ए-सैयद’ से लेकर एएमयू सर्किल तक भगदड़ मच गई। 

छात्र नेताओं की ओर से भाजपा सांसद सतीश गौतम, संघ, विहिप, हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ताओं एवं सीओ सिटी के खिलाफ एडीएम सिटी एवं एसपी सिटी को तहरीर दी गई।

छात्रों ने एलान किया है कि जब तक एएमयू कैंपस में आकर चुनौती देने वाले हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार नहीं किया जाता, उनका धरना जारी रहेगा। गुरुवार को जिलाधिकारी ने बुधवार के घटनाक्रम के मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए हैं।

एएमयू छात्रों की धरना सभा में पूर्व केंद्रीय मंत्री अली अशरफ फातमी, पूर्व विधायक हाजी जमीरउल्लाह भी शामिल हुए। छात्रों ने सांसद सतीश गौतम, योगी आदित्यनाथ एवं आरएसएस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। एएमयू छात्रों पर लाठी चार्ज एवं आंसू गैस के गोले दागे जाने के बाद उनका आक्रोश सातवें आसमान पर है। बाब-ए-सैयद पर उनका धरना दूसरे दिन भी जारी है। 

एएमयू के शिक्षक एवं कर्मचारी नेताओं ने भी छात्रों के आंदोलन को समर्थन दे दिया है। छात्रों ने पांच दिन तक अनेक शैक्षणिक कार्य बंद रखने का एलान किया है। छात्र गुरुवार को कक्षाएं, प्रैक्टिकल एवं परीक्षाएं स्थगित कर बाब-ए-सैयद पर पहुंच गये।

इसी बीच कवरेज के लिए पहुंचे मीडिया कर्मियों को देखकर छात्र भड़क गए और गोदी मीडिया का नारा लगाते हुए उन्हें दौड़ा दिया। इसमें एक महिला पत्रकार भी थी। मीडिया कर्मी किसी तरह कैमरा आदि लेकर भागे। पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने हस्तक्षेप कर मीडिया कर्मियों को छात्रों के सामने से हटाया। दोपहर में भी ऐसी ही घटना हुई और एक मीडियाकर्मी को छात्रों ने दौड़ा दिया। 





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Javed Akhtar । AMU में जिन्ना की तस्वीर का विरोध करने वालों से जावेद अख्तर ने पूछा, गोडसे के मंदिरों का क्या?

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कुमार विश्वास ने हाईकोर्ट से कहा, जेटली के खिलाफ मेरा बयान केजरीवाल की सूचना पर आधारित था





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