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Saturday, May 5, 2018

कंसास में भारतीय इंजीनियर की हत्या करने वाले पूर्व अमेरिकी नौसेनिक को उम्रकैद की सजा

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कंसास की एक संघीय अदालत ने 4 मई को प्यूरिंटन को कुचिभोटला की हत्या के मामले में उम्र कैद और उसके दोस्त मदसानी की हत्या की कोशिश के मामले में 165 माह की सजा सुनायी.





कंसास में भारतीय इंजीनियर की हत्या करने वाले पूर्व अमेरिकी नौसेनिक को उम्रकैद की सजा

कुचिभोटला की पत्नी सुनयना दुमाला ने अदालत के फैसले का स्वागत किया. (AP/File Photo)







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Friday, May 4, 2018

कर्नाटक में पहली बार: 215 सीटों को कवर करने की कोशिश करेंगे मोदी, लिंगायतों का रुख अभी साफ नहीं

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बेंगलुरु. इस बार कर्नाटक के विधानसभा चुनाव में कई बातें पहली बार हो रही हैं। अगर ये राज्य सत्ताधारी कांग्रेस के हाथ से निकल गया तो पार्टी सिर्फ दो राज्य पंजाब और पुडुचेरी में सिमट कर रह जाएगी। भाजपा ने अपनी रणनीति में बदलाव लाते हुए मोदी की रैलियों की संख्या 15 से बढ़ाकर 21 कर दी हैं। कर्नाटक चुनाव में किसी प्रधानमंत्री की ये अब तक की सबसे ज्यादा चुनावी रैलियां होंगी। उधर, सरकार बनाने में अहम रोल निभाने वाले लिंगायत समुदाय ने पहली बार अपने पत्ते नहीं खोले हैं। वहीं, ऐसा पहली बार हो रहा है कि भाजपा को घेरने के लिए जनता दल सेकुलर और बसपा ने गठबंधन किया है। इस चुनाव में पहली बार क्या हो रहा है?


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‘यूएस-पेसिफिक कमांड’ का नाम ‘इंडो-पेसिफिक कमांड’ करने का अमेरिकी संसद में प्रस्ताव

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एनडीएए 2019 के तहत उक्त बातें इसकी महत्वपूर्ण प्रस्ताव का हिस्सा हैं और समिति से इनको मंजूरी मिलने के बाद इसके लिए 639.1 अरब डॉलर का अनुदान मंजूर हो जाएगा.





‘यूएस-पेसिफिक कमांड’ का नाम ‘इंडो-पेसिफिक कमांड’ करने का अमेरिकी संसद में प्रस्ताव

फोटोः ट्विटर-@PacificCommand







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Body Of A 50 Year-old Rickshaw Puller, Accused Of Raping A Minor Girl In Andhra - 9 साल की बच्ची का रेप करने के बाद आरोपी ने की आत्महत्या

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क्राइम डेस्क, अमर उजाला
Updated Fri, 04 May 2018 07:28 PM IST





रेप



रेप
- फोटो : self







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आंध्र प्रदेश के गुंटूर जिले में एक 9 साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया है। घटना के बाद आरोपी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने बताया कि आरोपी ने अपने एक दोस्त को घटना के बारे में बताने के बाद आत्महत्या कर ली। आरोपी ने बच्ची के साथ रेप के बाद खेद व्यक्त किया था। फिलहाल पुलिस मामले में जांच कर रही है। 


इससे पहले पुलिस ने गुंटूर सहित पास के इलाकों में आरोपी की तलाश में झीलों, तालाबों और कृष्णा नदी पर ड्रोन तैनात किए थे। पुलिस ने बताया हमें जानकारी मिली थी कि 50 वर्षीय आरोपी सुब्बाया ने गांव के अपने एक दोस्त को बुलाया है। सुब्बया ने गुरुवार दोपहर अपने दोस्त से कहा कि वह आत्मसमर्पण करने के बजाय आत्महत्या करेगा। आईजी गोपाल राव ने कहा कि हमने नदी और उसके पास की झीलों में आरोपी को पकड़ने के लिए दर्जनों नावों को तैनात किया था।

बता दें कि घटना के बाद इलाके में विरोध उत्पन्न हो गया था। सैकड़ों लोगों ने सड़क जाम करते हुए आरोपी की गिरफ्तारी की मांग के लिए पुलिस स्टेशन का घेराव किया। साथ ही क्षेत्र में एक बंद का ऐलान भी किया। आरोपी सुब्बया पिछले कई वर्षों से दचेपल्ली में अकेला रह रहा था। उसकी परिवार से अनबन चल रही थी। घटना के बाद टिन की छत वाले घर को लोगों ने बुरी तरह से तोड़ दिया। आरोपी सुब्बया पेशे से रिक्शाचालक था। उसने लड़की को चॉकलेट और स्नैक्स देने का वादा किया और गांव के बाहरी इलाके में ले गया। जहां उसने बच्ची से रेप किया।   

रेप के बाद जब बच्ची घर आयी तो उसका खून बह रहा था, पूछने पर लड़की ने अपनी मां को पूरी घटना के बारे में बताया। जिसके बाद बच्ची को गुंटूर के सरकारी अस्पताल ले जाया गया। राज्य के मुख्यमंत्री चंद्र बाबू नायडू ने पीड़ित परिवार को पांच लाख रुपए देने की घोषणा की है। 





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Thursday, May 3, 2018

साउथ चाइना सी के 3 द्वीपों पर मिसाइलें तैनात करने पर अमेरिका की चीन को चेतावनी, कहा- अंजाम भुगतना पड़ेगा

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चीन ने हाल ही में साउथ चाइना सी में अपना अधिकार जताने के लिए घातक मिसाइलें तैनात की हैं। इस पर अमेरिका की तरफ से भी प्रतिक्रिया जाहिर की गई है। व्हाइट हाउस ने गुरुवार को साउथ चाइना सी में सैन्य तंत्र खड़ा करने के लिए चीन को अंजाम भुगतने की चेतावनी दी। व्हाइट हाउस की मीडिया ब्रीफिंग के दौरान प्रेस सेक्रेटरी सारा सैंडर्स ने कहा कि अमेरिका को साउथ चाइना सी में चीन की सभी गतिविधियों के बारे में पता है। सैंडर्स ने कहा कि उन्होंने इस बारे में सीधे तौर पर चीन से चिंता जाहिर की है। अब इस मुद्दे के कुछ दूरगामी परिणाम होंगे।


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नेताओं के दलितों के घर भोजन करने से BJP सांसद नाराज, बताया बहुजन समाज का ‘अपमान’

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लखनऊ: देश में राजनेताओं द्वारा दलितों के घरों में खाना खाने के बढ़ते चलन के बीच बीजेपी सांसद सावित्री बाई फुले ने इसे दिखावा और बहुजन समाज का ‘अपमान‘ करार दिया है. वरिष्ठ बीजेपी नेताओं द्वारा हाल में दलितों के घर में खाना खाए जाने के बारे में पूछे गये सवाल पर बहराइच लोकसभा सीट से सांसद सावित्री ने कहा कि बाबा साहब भीमराव आंबेडकर ने भारत के संविधान में जाति व्यवस्था को खत्म करते हुए सबको बराबर की जिंदगी जीने का अधिकार दिया है, लेकिन आज भी अनुसूचित जाति के प्रति लोगों की मानसिकता साफ नहीं है.


उन्होंने कहा ‘इसीलिए लोग उनके घर में खाना खाने तो जाते हैं लेकिन उनका बनाया हुआ खाना नहीं खाते. उनके लिए बाहर से बर्तन आते हैं, बाहर से खाना बनाने वाले आते हैं, वे ही परोसते भी हैं. दिखावे के लिए दलित के दरवाजे पर खाना खाकर फोटो खिंचवाई जा रही है और उन्हें व्हाट्सअप, फेसबुक पर वायरल किए जाने के साथ-साथ टीवी चैनलों पर चलवाकर वाहवाही लूटी जा रही है. इससे पूरे देश के बहुजन समाज का अपमान हो रहा है.’  पिछले दिनों ही उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री सुरेश राणा द्वारा एक दलित के घर में रात्रि भोज पर जाने को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया था, जहां आरोप लगे थे कि मंत्री अपनी तरफ से भोजन और पानी लेकर वहां पहुंचे थे.



'दलित के हाथ का बना हुआ खाना खाएं'
सावित्री ने कहा कि बात तो तब हो जब दलित के हाथ का बनाया हुआ खाना खाएं और खुद उसके बर्तनों को धोएं. उन्होंने कहा कि अगर अनुसूचित जाति के लोगों का सम्मान बढ़ाना है तो उनके घर पर खाना खाने के बजाय उनके लिये रोटी, कपड़े, मकान और रोजगार का इंतजाम किया जाए. हम सरकार से मांग करते हैं कि वह अनुसूचित जाति के लोगों के लिये नौकरियां सृजित करे. केवल खाना खाने से अनुसूचित जाति के लोग आपसे नहीं जुड़ेंगे.क्या वह इस मुद्दे को बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के सामने रखेंगी, इस सवाल पर पार्टी सांसद ने कोई साफ जवाब नहीं दिया.


सावित्री ने आरोप लगाया कि अनुसूचित जाति के लोगों को आज भी हीन भावना से देखा जाता है. मैं सांसद हूं और मुझे बीजेपी सांसद के बजाय दलित सांसद कहा जाता है. देश के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को दलित राष्ट्रपति कहा जाता है. क्या यह अनुसूचित जाति के लोगों का अपमान नहीं है. 


'आज आंबेडकर प्रतिमा को तोड़ा जा रहा है'
उन्होंने कहा कि इस नजरिए से आज भी संविधान को नहीं माना जा रहा है. अगर संविधान को उसकी मूल भावना से लागू कर दिया जाए तो देश में गैर बराबरी और जाति व्यवस्था खुद ब खुद ही खत्म हो जाएगी. आज आंबेडकर प्रतिमा को तोड़ा जा रहा है और उसे खंडित करने वालों की गिरफ्तारी नहीं हो रही है. घोड़ी चढ़ने पर दलित की हत्या की जा रही है.


इससे पहले पिछले महीने सांसद सावित्री ने उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित काशीराम स्मृति उपवन में 'भारतीय संविधान व आरक्षण बचाओ महारैली का आयोजन' कर सरकार के लिए असहज स्थिति पैदा कर दी थी.


(इनपुट - भाषा)




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नोबेल पुरस्कार प्रदान करने वाली संस्था सेक्स स्कैंडल में फंसी, पुरस्कार पर संकट के बादल

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स्टॉकहोम: इस साल साहित्य में नोबेल पुरस्कार स्थगित होने की संभावना पैदा हो गई है. दरअसल, नोबेल पुरस्कार प्रदान करने वाली संस्था सेक्स स्कैंडल में फंस गई है जिसके बाद 2018 में साहित्य का नोबेल प्रदान करने पर संकट का बादल घिर गया है. बीबीसी की गुरुवार की रिपोर्ट के मुताबिक, फ्रेंच फोटोग्राफर जीन क्लाउड अरनॉल्ट के कथित यौन दुराचार को लेकर स्वीडिश एकेडमी आलोचनाओं के घेरे में है. अरनॉल्ट की शादी सदियों पुरानी एकेडमी के एक पूर्व सदस्य के साथ हुई है.


एकेडमी को यह फैसला करना है कि क्या इस साल यह पुरस्कार प्रदान किया जाएगा क्योंकि एकेडमी के कुछ सदस्य यह पुरस्कार प्रदान करने को लेकर चिंतित हैं और वे इसके लिए स्थिति को अनुकूल नहीं बता रहे हैं. पिछले साल नवंबर में 18 महिलाओं ने 'हैश मी टू' आंदोलन के माध्यम से अरनॉल्ट पर यौन हमला व उत्पीड़न के आरोप लगाए थे.


एकेडमी की परिसंपत्ति को लेकर भी कथित तौर पर कई आरोप लगाए गए हैं. अरनॉल्ट ने सभी आरोपों से इनकार किया है. संगठन ने उनकी पत्नी और कवयित्री व लेखिका कटरीना फ्रोस्टेनसन को 18 सदस्यीय कमेटी से निकालने को लेकर वोट किया. इसके अगले दिन एकेडमी की स्थायी सदस्य सारा डेनिअस ने कहा कि संस्थान ने कथित आरोपों के बाद अरनॉल्ट से पूरी तरह संबंध तोड़ लिया है.


उनपर एकेडमी के कर्मचारी व सदस्यों के रिश्तेदारों के साथ अवांछित यौन संबंध बनाने के आरोप हैं. डेनिअस समेत अब तक एकेडमी के छह सदस्यों ने अपना इस्तीफा दे दिया है. इससे पहले 1943 में साहित्य में नोबेल पुरस्कार द्वितीय विश्व युद्ध को लेकर स्थगित कर दिया गया था.  


नोबेल पुरस्कार के पदकों के बारे में कुछ जानें
नोबेल पुरस्कार के रूप में मिलने वाला हर पदक करीब 175 ग्राम का और 18 कैरेट के ग्रीन गोल्ड (सोने और चांदी की मिश्र धातु) से बना होता है जिा पर 24 कैरेट सोने का पानी चढ़ा होता है. इस पदक को निशान से बचाने के लिए अंतिम रूप देते समय बहुत सूक्ष्म प्रक्रिया से गुजरना होता है. भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, चिकित्सा और साहित्य के क्षेत्र में दिये जाने वाले पदक को स्वीडिश कलाकार एरिक लिंडबर्ग ने डिजायन किया जबकि शांति पुरस्कार के पदक को नार्वे के गस्ताव विगेलैंड ने डिजायन किया. अर्थशास्त्र के क्षेत्र के ‘स्वेरिजस रिक्सबैंक’ पुरस्कार का पदक गनवोर स्वेनसन लुंडविस्ट ने डिजायन किया .  नार्वे नोबेल समिति के पदक पर अल्फ्रेड नोबेल को अन्य पदकों से अलग तरह से दिखाया गया है. लेकिन इन पर उत्कीर्ण शब्द एक से हैं जो लैटिन भाषा में है और इसका मतलब है, मानव जाति की शांति और भाईचारे के लिए. 


इनपुट एजेंसी से भी 




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