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Thursday, May 3, 2018

महिलाओं का 'पीछा' करता था इंजीनियर, FACEBOOK ने नौकरी से निकाला

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सैन फ्रांसिस्को: सोशल नेटवर्क फेसबुक ने अपने एक सुरक्षा इंजीनियर को कथित तौर पर ऑनलाइन महिला का पीछा करने व जानकारी हासिल करने के लिए अपनी शक्ति का दुरुपयोग करने का आरोप लगने पर निकाल दिया. फेसबुक ने हालांकि इसी सप्ताह अपने वार्षिक डेवलपर्स के सम्मेलन में एक डेटिंग सेवा शुरू करने की योजना की घोषणा की है. गार्डियन की बुधवार की रिपोर्ट के मुताबिक, यह विवाद कर्मचारी द्वारा महिला को टिंडर पर एक संदेश में खुद को 'पेशेवर पीछा करने वाला' बताने के बाद सामने आई. कर्मचारी महिला से टिंगर पर मिला था.


फेसबुक ने कहा कि वह मामले को अति आवश्यक मानकर जांच कर रहा है, जबकि उसने कर्मचारी की स्थिति या उसके द्वारा हासिल किए गए डाटा की जानकारी नहीं दी. साइबर सिक्युरिटी कंसल्टेंसी स्पाइग्लास सिक्युरिटी की संस्थापक जैकी स्टोक्स के ट्वीट्स से ये आरोप रविवार को सामने आए. स्टोक्स ने कहा कि उन्हें पता चला है कि वर्तमान में फेसबुक में नियोजित एक सुरक्षा इंजीनियर महिलाओं का ऑनलाइन पीछा करने के लिए विशेष अधिकार का इस्तेमाल कर रहा है. महिला ने कथित तौर पर जवाब दिया, "आप वर्तमान में यह कर रहे हैं? मेरा पीछा करने के लिए इंटरनेट का इस्तेमाल कर रहे हैं.


"यह मामला फेसबुक के लिए एक ऐसे बुरे समय में आया है, जो पहले से ही अपने डाट गोपनीयता संरक्षण कार्यो के लिए जांच का सामना कर रहा है. एनबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, फेसबुक के वार्षिक डेवलपर सम्मेलन के दौरान मंगलवार को घोषणा की थी कि वह उपयोगकर्ताओं को ब्राउसर हिस्ट्री ट्रैकिंग से बाहर जाने देगा. 


Facebook के इस फीचर से कर पाएंगे डेटिंग
सोशल मीडिया वेबसाइट फेसबुक (facebook) पर डेटिंग से जुड़ा नया फीचर जल्द ही शुरू होने वाला है. कंपनी यह पहल ऐसे समय में कर रही है जबकि यूजर्स से जुड़ी जानकारी लीक होने को लेकर फेसबुक की काफी आलोचना हुई है. फेसबुक के संस्थापक और सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने एक कार्यक्रम में नए डेटिंग फीचर के बारे में जानकारी दी. जुकरबर्ग ने बताया कि यह फीचर लोगों को लंबे समय का साथी ढूंढने में मदद करेगा.


बिल्कुल फ्री होगी फेसबुक की नई सर्विस
कंपनी की यह नई सेवा बिल्कुल फ्री होगी. नए फीचर में यूजर्स एक अलग 'डेटिंग' प्रोफाइल बना सकेंगे जो कि उनके नेटवर्क दोस्तों को नहीं दिखेगी. फेसबुक लोगों की रुचि व पसंद आदि के आधार पर डेटिंग के इच्छुक अन्य लोगों के सुझाव उन्हें भेजेगी. जुकरबर्ग ने कहा कि यह फीचर यूजर्स के डाटा की सुरक्षा और गोपनीयता को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है.


इनपुट एजेंसी से भी 




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संयुक्त राष्ट्र का अमेरिका से आग्रह- ईरान समझौते से पीछे नहीं हटे

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संयुक्त राष्ट्र: संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से ईरान समझौते से पीछे नहीं हटने का आग्रह किया है. गुटेरेस ने बीबीसी को बताया कि यदि 2015 के ईरान समझौते को संरक्षित नहीं किया गया तो युद्ध का जोखिम है. ट्रंप इस समझौते के मुखर आलोचक रहे हैं .  इस समझौते के तहत ईरान खुद पर लगे प्रतिबंधों को हटाने के बदले अपने परमाणु कार्यक्रम बंद करने पर सहमत हो गया था. अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा है कि वह 12 मई तक फैसला करेंगे कि इस समझौते से अमेरिका जुड़ा रहेगा या नहीं.


गुटेरेस ने बीबीसी को बताया कि ईरान समझौता एक महत्वपूर्ण राजनयिक जीत है और इसे बनाए रखना चाहिए. उन्होंने कहा, "हमें इसे तब तक बंद नहीं करना चाहिए, जब तक इसका कोई अन्य बेहतर विकल्प नहीं मिल जाता. हमने खतरनाक दौर में हैं. " इजरायल ने हाल ही में खुफिया परमाणु दस्तावेजों का खुलासा कर ईरान पर दुनिया की नजरों से छिपकर अपने परमाणु कार्यक्रमों को जारी रखने का आरोप लगाया था. अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने कहा कि इन दस्तावेजों से पता चलता है कि ओबामा के समय में हुआ परमाणु समझौता झूठ के पुलिंदों पर बना था.


फ्रांस, ब्रिटेन और जर्मनी सहमत हैं कि ईरान के साथ मौजूदा परमाणु समझौता उसे परमाणु हथियार तैयार करने से रोकने का सर्वश्रेष्ठ तरीका है. गौरतलब है कि ईरान ने 2015 में अमेरिका, चीन, रूस, जर्मनी, फ्रांस और ब्रिटेन के साथ एक समझौता किया था, जिसके तहत ईरान खुद पर लगे प्रतिबंधों को हटाने के बदले में अपने परमाणु कार्यक्रम रोकने को तैयार हो गया था. 


अमेरिका ने की ईरान पर नए प्रतिबंधों की घोषणा
अमेरिका ने बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम को लेकर ईरान के खिलाफ मंगलवार (18 जुलाई) को नये प्रतिबंधों की घोषणा की. इस कार्यक्रम को वह पश्चिम एशिया के आतंकी समूहों को तेहरान की मदद के तौर पर देखता है.विदेश विभाग की ओर से घोषित प्रतिबंधों में 18 व्यक्तियों या संस्थाओं को निशाना बनाया गया है, जिन्हें ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम या रिपब्लिकन गार्ड का समर्थक समझा जाता है.


इससे पहले अमेरिका ने सोमवार (17 जुलाई) को कहा था कि ईरान दो वर्ष पहले अमेरिका और अन्य वैश्विक ताकतों के साथ किये गए ऐतिहासिक परमाणु करार का अनुपालन कर रहा है. हालांकि उसने साथ ही आगाह किया था कि नये प्रतिबंधों पर काम किया जा रहा है.




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'अगर अमेरिकी ने परमाणु समझौता तोड़ा, तो ईरान भी जवाबी कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेगा'

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लंदन: ब्रिटेन में ईरान के दूत ने कहा है कि अमेरिका के परमाणु समझौते से पीछे हटने की सूरत में ईरान भी इससे बाहर होने पर विचार कर सकता है. ब्रिटेन में ईरान के शीर्ष राजदूत हामिद बेदिनेजाद ने गुरुवार (3 मई) को प्रसारित हुए एक साक्षात्कार में यह बात कही. हामिद ने कहा कि अगर अमेरिका 2015 में हुए इस समझौते से पीछे हटता है तो ईरान भी “अपनी पिछली स्थिति में लौटने के लिए तैयार है.”


अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस समझौते से बाहर निकलने की धमकी दी थी. सीएनएन के साथ साक्षात्कार में ईरान के दूत ने कहा, “जब अमेरिका इस समझौते से बाहर हो जाएगा तो इसका मतलब होगा कि कोई समझौता बचा ही नहीं.” उन्होंने कहा, “ऐसा इसलिए होगा क्योंकि एक महत्त्वपूर्ण पक्ष ने संधि को निरस्त किया है और साफ तौर पर इसका उल्लंघन किया है.’’


खबरों के मुताबिक ट्रंप ने इस समझौते को रद्द करने की बात कही है जो ईरान और छह अन्य वैश्विक शक्तियों के बीच हुआ था. अमेरिका को 12 मई तक इस समझौते को अपना समर्थन नए सिरे से देना था, लेकिन ट्रंप ने इससे पहले ही समझौते से बाहर होने की बात कह दी थी.


ईरान समझौते से पीछे नहीं हटे अमेरिका : संयुक्त राष्ट्र
वहीं दूसरी ओर संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से ईरान समझौते से पीछे नहीं हटने का आग्रह किया है. गुटेरेस ने बीबीसी को बताया कि यदि 2015 के ईरान समझौते को संरक्षित नहीं किया गया तो युद्ध का जोखिम है. ट्रंप इस समझौते के मुखर आलोचक रहे हैं. इस समझौते के तहत ईरान खुद पर लगे प्रतिबंधों को हटाने के बदले अपने परमाणु कार्यक्रम बंद करने पर सहमत हो गया था.


अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा है कि वह 12 मई तक फैसला करेंगे कि इस समझौते से अमेरिका जुड़ा रहेगा या नहीं. गुटेरेस ने बीबीसी को बताया कि ईरान समझौता एक महत्वपूर्ण राजनयिक जीत है और इसे बनाए रखना चाहिए. उन्होंने कहा, "हमें इसे तब तक बंद नहीं करना चाहिए, जब तक इसका कोई अन्य बेहतर विकल्प नहीं मिल जाता. हमने खतरनाक दौर में हैं."




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