योगी के मंत्री की अमेरिका को सलाह, भारत से रिश्ता चाहिए तो UP को इग्नोर नहीं कर सकते
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बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 04 May 2018 03:18 AM IST
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
- फोटो : अमर उजाला
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एमएयू में जिन्ना की तस्वीर पर बुधवार को उठे बवाल पर मुख्यमंत्री ने सरकार कर नजरिया स्पष्ट करते हुए कहा कि, जिन्ना ने हमारे देश का बंटवारा किया। हम किस तरह जिन्ना की उपलब्धियों का बखान कर सकते हैं? उन्होंने कहा कि देश में जिन्ना का महिमामंडन किसी हालत में बर्दाश्त योग्य नहीं है। सरकार ने एमएयू मामले में जांच के आदेश दिए हैं। रिपोर्ट आते ही एक्शन लिया जाएगा।
विश्वविद्यालय में तनाव बरकरार
वहीं बुधवार को हुए बवाल एवं लाठीचार्ज के बाद अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में गुरुवार को भी तनाव बरकरार रहा। आक्रोशित छात्रों ने पुलिस-प्रशासन एवं मीडिया को निशाना बनाया तथा उनके ऊपर पत्थर फेंके। इससे विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार ‘बाब-ए-सैयद’ से लेकर एएमयू सर्किल तक भगदड़ मच गई।
छात्र नेताओं की ओर से भाजपा सांसद सतीश गौतम, संघ, विहिप, हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ताओं एवं सीओ सिटी के खिलाफ एडीएम सिटी एवं एसपी सिटी को तहरीर दी गई।
छात्रों ने एलान किया है कि जब तक एएमयू कैंपस में आकर चुनौती देने वाले हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार नहीं किया जाता, उनका धरना जारी रहेगा। गुरुवार को जिलाधिकारी ने बुधवार के घटनाक्रम के मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए हैं।
एएमयू छात्रों की धरना सभा में पूर्व केंद्रीय मंत्री अली अशरफ फातमी, पूर्व विधायक हाजी जमीरउल्लाह भी शामिल हुए। छात्रों ने सांसद सतीश गौतम, योगी आदित्यनाथ एवं आरएसएस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। एएमयू छात्रों पर लाठी चार्ज एवं आंसू गैस के गोले दागे जाने के बाद उनका आक्रोश सातवें आसमान पर है। बाब-ए-सैयद पर उनका धरना दूसरे दिन भी जारी है।
एएमयू के शिक्षक एवं कर्मचारी नेताओं ने भी छात्रों के आंदोलन को समर्थन दे दिया है। छात्रों ने पांच दिन तक अनेक शैक्षणिक कार्य बंद रखने का एलान किया है। छात्र गुरुवार को कक्षाएं, प्रैक्टिकल एवं परीक्षाएं स्थगित कर बाब-ए-सैयद पर पहुंच गये।
इसी बीच कवरेज के लिए पहुंचे मीडिया कर्मियों को देखकर छात्र भड़क गए और गोदी मीडिया का नारा लगाते हुए उन्हें दौड़ा दिया। इसमें एक महिला पत्रकार भी थी। मीडिया कर्मी किसी तरह कैमरा आदि लेकर भागे। पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने हस्तक्षेप कर मीडिया कर्मियों को छात्रों के सामने से हटाया। दोपहर में भी ऐसी ही घटना हुई और एक मीडियाकर्मी को छात्रों ने दौड़ा दिया।
विश्वविद्यालय में तनाव बरकरार
वहीं बुधवार को हुए बवाल एवं लाठीचार्ज के बाद अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में गुरुवार को भी तनाव बरकरार रहा। आक्रोशित छात्रों ने पुलिस-प्रशासन एवं मीडिया को निशाना बनाया तथा उनके ऊपर पत्थर फेंके। इससे विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार ‘बाब-ए-सैयद’ से लेकर एएमयू सर्किल तक भगदड़ मच गई।
छात्र नेताओं की ओर से भाजपा सांसद सतीश गौतम, संघ, विहिप, हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ताओं एवं सीओ सिटी के खिलाफ एडीएम सिटी एवं एसपी सिटी को तहरीर दी गई।
छात्रों ने एलान किया है कि जब तक एएमयू कैंपस में आकर चुनौती देने वाले हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार नहीं किया जाता, उनका धरना जारी रहेगा। गुरुवार को जिलाधिकारी ने बुधवार के घटनाक्रम के मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए हैं।
एएमयू छात्रों की धरना सभा में पूर्व केंद्रीय मंत्री अली अशरफ फातमी, पूर्व विधायक हाजी जमीरउल्लाह भी शामिल हुए। छात्रों ने सांसद सतीश गौतम, योगी आदित्यनाथ एवं आरएसएस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। एएमयू छात्रों पर लाठी चार्ज एवं आंसू गैस के गोले दागे जाने के बाद उनका आक्रोश सातवें आसमान पर है। बाब-ए-सैयद पर उनका धरना दूसरे दिन भी जारी है।
एएमयू के शिक्षक एवं कर्मचारी नेताओं ने भी छात्रों के आंदोलन को समर्थन दे दिया है। छात्रों ने पांच दिन तक अनेक शैक्षणिक कार्य बंद रखने का एलान किया है। छात्र गुरुवार को कक्षाएं, प्रैक्टिकल एवं परीक्षाएं स्थगित कर बाब-ए-सैयद पर पहुंच गये।
इसी बीच कवरेज के लिए पहुंचे मीडिया कर्मियों को देखकर छात्र भड़क गए और गोदी मीडिया का नारा लगाते हुए उन्हें दौड़ा दिया। इसमें एक महिला पत्रकार भी थी। मीडिया कर्मी किसी तरह कैमरा आदि लेकर भागे। पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने हस्तक्षेप कर मीडिया कर्मियों को छात्रों के सामने से हटाया। दोपहर में भी ऐसी ही घटना हुई और एक मीडियाकर्मी को छात्रों ने दौड़ा दिया।
कानपुर: अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) के स्टूडेंट यूनियन ऑफिस में पाकिस्तानी संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना की तस्वीर को लेकर मचा बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है. जिन्ना विवाद को लेकर योगी सरकार के कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने कानपुर में कहा कि जिन्ना भारत के महान पुरुष थे. बंटवारे से पहले जिन्ना का भी देश के लिए योगदान था. अपनी पार्टी के सांसदों और अन्य नेताओं पर हमला बोलते हुए मौर्य ने कहा, ' चाहे उनकी ही पार्टी के सांसद या विधायक क्यों न हो ऐसी बयानबाजी करने वालों को वे घटिया किस्म का मानते हैं, क्योकि देश के बंटवारे के पहले जिन्ना का भी योगदान रहा है.'
मौर्य देशवासियों से अपने बयान के लिए माफी मांगे
स्वामी प्रसाद मौर्य के इस बयान पर नव निर्वाचित राज्यसभा सांसद हरनाथ सिंह यादव ने कहा कि उनके इस कृत्य से उत्तर प्रदेश सरकार और बीजेपी की छवि पर देश के अंदर बहुत बड़ा धक्का लगा है. उन्होंने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह, पीएम नरेंद्र मोदी, सीएम योगी आदित्यनाथ, पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र नाथ पांडे को ट्वीट करते हुए कहा कि अपने बयान के लिए स्वामी प्रसाद मौर्य देशवासियों से माफी मांगे, अन्यथा उन्हें तत्काल प्रभाव से पार्टी से निकाल दिया जाए.
मौर्य का पार्टी से मोहभंग हो चुका है- हरनाथ सिंह
हरनाथ सिंह ने कहा कि स्वामी प्रसाद मौर्य का बीजेपी से मोहभंग हो चुका है. शायद, उन्होंने अपने लिए नए ठिकाने तलाश लिए है, इसलिए ऐसी बयानबाजी कर रहे हैं. बता दें, पिछले दिनों स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा था कि मायावती का शासनकाल, योगी आदित्यनाथ के शासनकाल से बेहतर था. मौर्य के मुताबिक मायावती के राज में भ्रष्टाचार पर लगाम रहता है.
AMU देशद्रोहियों का अड्डा रहा है- हरनाथ सिंह
हरनाथ सिंह यादव AMU में जिन्ना की तस्वीर को लेकर कहा कि यह जघन्य अपराध में आता है. उन्होंने कहा कि लंबे समय से AMU देशद्रोही गतिविधियों का अड्डा रहा है. उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार से यूनिवर्सिटी प्रशासन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की मांग की.
Muslims living in India rejected Jinnah, his ideology and partition. We are against the presence of such a thing (portrait of Jinnah) & it should be removed: Maulana Mehmood Madani, Jamiat Ulama-i-Hind on portrait of Muhammad Ali Jinnah inside campus of Aligarh Muslim university pic.twitter.com/sWhmTeJCvT
— ANI (@ANI) 2 May 2018
इस विवाद को लेकर मुस्लिम धर्मगुरु मौलाना महमूद मदनी ने कहा कि जो मुसलमान भारत में रह रहे हैं, उन्होंने जिन्ना की सोच और बंटवारे के फैसले को कभी स्वीकार नहीं किया. इसलिए, अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से जिन्ना की तस्वीर को जरूर हटा देना चाहिए.
आडवाणी को जिन्ना की तारीफ करने पर देना पड़ा था इस्तीफा
2005 में लालकृष्ण आडवाणी का पाकिस्तान दौरा हर किसी को याद होगा. उस दौरे में लालकृष्ण आडवाणी ने जिन्ना को घर्मनिरपेक्ष नेता कहा था. अपने बयान की वजह से आडवाणी को पार्टी के अध्यक्ष पद से तुरंत इस्तीफा देना पड़ा था.
अलीगढ़ के सांसद सतीष गौतम की चिट्ठी के बाद शुरू हुआ विवाद
इस पूरे विवाद की शुरुआत तब हुई जब स्थानीय बीजेपी सांसद सतीष गौतम ने यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर को चिट्ठी लिखकर पूछा कि, क्या AMU के छात्रसंघ कार्यालय में पाकिस्तानी संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना की तस्वीर लगी हुई है? अगर, जिन्ना की तस्वीर लगी हुई है तो किस विभाग में लगी है और किन कारणों से लगी है वह बताएं. साथ में यह भी पूछा था कि AMU में जिन्ना की तस्वीर का लगा होना कितना तार्किक है?
अलीगढ़: अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में पाकिस्तानी संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना की तस्वीर को लेकर विवाद गहराता जा रहा है. विवाद गहराने के बाद मोहम्मद अली जिन्ना की तस्वीर यूनियन हॉल से हटा दी गई. बाद में यूनियन के सभी गेटों पर ताला जड़ दिया गया. किसी को अंदर आने-जाने से रोक दिया गया. यूनियन गेट पर ताला और जिन्ना की तस्वीर हटाए जाने को लेकर यूनियन के उपाध्यक्ष सज्जाद सुभान राथर ने कहा कि अभी सफाई का काम चल रहा है. सफाई की वजह से जिन्ना समेत कई और तस्वीरों को हटाया गया है. सफाई काम पूरा होते ही जिन्ना समेत सभी तस्वीरों को वापस अपनी जगह लगा दी जाएगी. जानकारी के मुताबिक बुधवार (2 मई) को भारत के पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी को यूनियन की आजीवन सदस्य्ता दी जाएगी. इसी कार्यक्रम की वजह से यूनियन हॉल की सभी तस्वीरों को साफ किया गया था.
बता दें स्थानीय बीजेपी सांसद सतीष गौतम ने AMU के वाइस चांसलर को चिट्ठी लिखकर पूछा था कि क्या अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में पाकिस्तानी संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना की तस्वीर लगी हुई है? अगर, जिन्ना की तस्वीर लगी हुई है तो किस विभाग में और किन कारणों से लगी है वह कारण बताएं. साथ में यह भी बताएं कि AMU में पाकिस्तानी संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना की तस्वीर का लगा होना कितना तार्किक है?
अलीगढ़ से बीजेपी सांसद सतीष गौतम ने अपनी चिट्ठी में क्या लिखा था?
सेवा में,
"कुलपति"
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय,
अलीगढ़
महोदय,
आज सूत्रों से ज्ञात हुआ है कि अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना की तस्वीर लगी हुई है. मुझे इस बारे में जानकारी नहीं है कि यह तस्वीर एएमयू के किस विभाग में और किन कारणों से लगी हुई है.
कृपया इस संबंध में संपूर्ण जानकारी प्राप्त कर मुझे अवगत कराने का कष्ट करें, साथ ही उन कारणों का भी उल्लेख करें जिनकी वजह से यह तस्वीर अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में लगाने की मजबूरी बनी हुई है, क्योंकि संपूर्ण विश्व जानता है कि मोहम्मद अली जिन्ना भारत और पाकिस्तान के बंटवारे के मुख्य सूत्रधार थे और वर्तमान में भी पाकिस्तान द्वारा गैर जरूरी हरकतें लगातार जारी हैं. ऐेसे में जिन्ना की तस्वीर एएमयू में लगाना कितना तार्किक है.
सधन्यवाद
सतीष कुमार गौतम
सांसद (अलीगढ़)
सांसद संतोष गौतम की चिट्ठी के बाद एकबार फिर से AMU को लेकर राजनीति गरमा गई है. अलग-अलग दल के नेता और संगठन अलग-अलग बयान दे रहे हैं.
जानकारी के मुताबिक अलीगढ़ यूनिवर्सिटी की यह परंपरा है कि जिन छात्रों को आजीवन सदस्यता प्रदान की जाती है, उनकी तस्वीर यूनियन हॉल में लगाई जाती है. 1938 में यूनिवर्सिटी की तरफ से मोहम्मद अली जिन्ना को भी आजीवन सदस्यता दी गई थी. अब तक देश और विदेश के करीब 100 लोगों को छात्रसंघ की तरफ से आजीवन सदस्यता दी जा चुकी है. इन सभी लोगों की तस्वीर यूनियन हॉल में लगी हुई है.