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Tags: Indian T20 Cricket 2018, 33rd match - Kolkata Knight Riders Vs Chennai Super Kings at Kolkata, May 03, 2018, Kolkata XI, Chennai XI, Krishnakumar Dinesh Karthik, Shubman Gill, IPL
Published on: May 04, 2018
Scorecard | Commentary | Graphs
Kolkata Knight Riders had sweet revenge for their defeat against Chennai Super Kings the last time the two teams met with a comfortable victory on Thursday.
Kolkata Knight Riders had sweet revenge for their defeat against Chennai Super Kings the last time the two teams met with a comfortable victory on Thursday.
One of the stars of the win was Shubman Gill with 57 off 36 balls, and KKR skipper Dinesh Karthik was all praise for the young lad.
“Credit to the management to have taken so many U-19 players. We were a little harsh on Gill earlier, but he’s hit first-ball boundaries in the past too, so he’s been good,” said Dinesh Karthik at the post-match presentation.
“That boy is special. I don’t want to hype it up and put extra pressure on him. I can see a lot of years of India Blues in him,” the KKR captain added.
Karthik also heaped riches on the spin trio of Narine, Kuldeep Yadav and Piyush Chawla. “I picked it up early, that we can bowl a lot of spin on this wicket. Our bowlers are so confident. They wanted to bowl.
“You need to be pushing boundaries. Narine is a thorough all-rounder. Provides impetus at the top and also bowled the pressure overs. He’s a great player to have in the team,” Karthik went on to add.
--By A Cricket Correspondent
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तकनीकी विकास भारत के विकास को तेजी देगा : बिल गेट्स
बिल गेट्स ने आगे यह कहा कि धारणा यह है कि अगर आप अपने आवाम के स्वास्थ्य और पोषण तथा शिक्षा प्रणाली का खयाल रखते हैं, तो भारत के उज्ज्वल भविष्य की इतनी अधिक संभावना है कि इस पर विश्वास नहीं किया जा सकता। जब बिल गेट्स से पूछा गया कि जैसे भारत के शीर्ष नेताओं का कहना था कि डिजिटलीकरण व आधुनिक प्रौद्योगिकी से भारत को आदर्श समाज के लक्ष्यों को प्राप्त करने में मदद मिलेगी? तो उन्होंने बिल्कुल हां कहकर इसका उत्तर दिया।
गेट्स बिल एंड मिलिंडा फाउंडेशन के प्रमुख के तौर पर दुनिया भर में समाज सेवा का काम कर रहें हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भारत अगले 20-25 सालों में जीवन प्रत्याशा, मां की मौत के बिना शिशु का जन्म और कुपोषण जैसे मुद्दों पर बहुत तरक्की करेगा। सिर्फ यही नहीं, यह लैंगिक असंतुलन को दूर करने में भी मदद करेगा। गेट्स ने भारत की जनसंख्या प्रोफाइल को देखते हुए भारत को एक युवा देश कहा और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उठाए गए कदमों की भी तारीफ की।
बिल गेट्स ने आगे यह कहा कि धारणा यह है कि अगर आप अपने आवाम के स्वास्थ्य और पोषण तथा शिक्षा प्रणाली का खयाल रखते हैं, तो भारत के उज्ज्वल भविष्य की इतनी अधिक संभावना है कि इस पर विश्वास नहीं किया जा सकता। जब बिल गेट्स से पूछा गया कि जैसे भारत के शीर्ष नेताओं का कहना था कि डिजिटलीकरण व आधुनिक प्रौद्योगिकी से भारत को आदर्श समाज के लक्ष्यों को प्राप्त करने में मदद मिलेगी? तो उन्होंने बिल्कुल हां कहकर इसका उत्तर दिया।
गेट्स बिल एंड मिलिंडा फाउंडेशन के प्रमुख के तौर पर दुनिया भर में समाज सेवा का काम कर रहें हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भारत अगले 20-25 सालों में जीवन प्रत्याशा, मां की मौत के बिना शिशु का जन्म और कुपोषण जैसे मुद्दों पर बहुत तरक्की करेगा। सिर्फ यही नहीं, यह लैंगिक असंतुलन को दूर करने में भी मदद करेगा। गेट्स ने भारत की जनसंख्या प्रोफाइल को देखते हुए भारत को एक युवा देश कहा और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उठाए गए कदमों की भी तारीफ की।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली, Updated Fri, 04 May 2018 03:14 PM IST
होटल्स डॉट कॉम के मोस्ट वांटेड लिस्ट 2018 में दिल्ली के 3 जबकि मुंबई और बंगलूरू के 4-4 होटल शामिल
देश की आर्थिक राजधानी मुंबई के चार होटलों को इस सूची में स्थान मिला है, जिनमें ताजमहल पैलेस, ताज-सांताक्रुज, द ओबराय और जेडब्ल्यू मेरिएट-सहार शामिल हैं। इसमें देश की आईटी राजधानी बंगलूरू के भी चार होटलों को स्थान मिला है। वहां के द ओबराय, सेंट मार्क्स होटल, शांग्री-ला होटल और ताज बंगलूरू इस सूची में शामिल हैं। इसमें चेन्नई के द लीला पैलेस, पुणे के जेडब्ल्यू मैरिएट, कोलकाता के द ओबराय ग्रेंड और गुरूग्राम (एनसीआर) के द ओबराय को भी स्थान मिला है।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 04 May 2018 09:57 AM IST
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इस बातचीत को नीमराना डायलॉग नाम इसलिए दिया गया है क्योंकि साल 1991-92 में राजस्थान के नीमराना किले में भारत और पाकिस्तान के बीच पहली बैठक हुई थी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार का कहना है कि दोनों तरफ से व्यावहारिक आदान-प्रदान सामान्य प्रक्रिया के तौर पर जारी है। यह दो नागरिक समाज के बीच एक बैठक थी जोकि पीपुल टू पीपुल बातची का का हिस्सा है। इसमें कुछ नया नहीं है।
नीमराना डायलॉग की नए सिरे से शुरुआत करने के लिए हाल ही में भारत से एक दल इस्लामाबाद गया था। भारत की तरफ से जहां इस दल का प्रतिनिधित्व पूर्व विदेश सचिव और पाकिस्तान विशेषज्ञ विवेक काटजू और पूर्व एनसीईआरटी प्रमुख जेएस राजपूत ने किया था। वहीं पाकिस्तान की तरफ से पूर्व मंत्री जावेद जब्बर सहित दूसरे लोग मौजूद थे। यह बातचीत 28 अप्रैल से 30 अप्रैल के बीच हुई थी।
जब कुमार से पूछा गया कि क्या इस डायलॉग को मंत्रालय का समर्थन प्राप्त है तो उन्होंने इसका सीधा जवाब ना देते हुए बस इतना कहा कि यह एक सामान्य प्रक्रिया है। हालांकि उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के प्रति भारत का रवैया साफ है जिसमें कोई बदलाव नहीं आया है। हमारी स्थिति अब भी वही है कि वार्ता और आतंकवाद साथ-साथ नहीं चल सकते हैं। सूत्रों के अनुसार दोनों पक्षों के बीच कई मुद्दों को लेकर बातचीत हुई थी।
नीमराना डायलॉग की नए सिरे से शुरुआत करने के लिए हाल ही में भारत से एक दल इस्लामाबाद गया था। भारत की तरफ से जहां इस दल का प्रतिनिधित्व पूर्व विदेश सचिव और पाकिस्तान विशेषज्ञ विवेक काटजू और पूर्व एनसीईआरटी प्रमुख जेएस राजपूत ने किया था। वहीं पाकिस्तान की तरफ से पूर्व मंत्री जावेद जब्बर सहित दूसरे लोग मौजूद थे। यह बातचीत 28 अप्रैल से 30 अप्रैल के बीच हुई थी।
जब कुमार से पूछा गया कि क्या इस डायलॉग को मंत्रालय का समर्थन प्राप्त है तो उन्होंने इसका सीधा जवाब ना देते हुए बस इतना कहा कि यह एक सामान्य प्रक्रिया है। हालांकि उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के प्रति भारत का रवैया साफ है जिसमें कोई बदलाव नहीं आया है। हमारी स्थिति अब भी वही है कि वार्ता और आतंकवाद साथ-साथ नहीं चल सकते हैं। सूत्रों के अनुसार दोनों पक्षों के बीच कई मुद्दों को लेकर बातचीत हुई थी।
देश के गांवों में बिजली पहुंचाने का दावा करने वाली मोदी सरकार की तारीफ वर्ल्ड बैंक (World Bank) ने की है. विश्व बैंक ने कहा कि भारत ने विद्युतीकरण के क्षेत्र में ‘बहुत अच्छा’ काम किया है और देश की 80 प्रतिशत आबादी तक बिजली पहुंच गई है.
नई दिल्ली: यूपी के स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा है कि अगर अमेरिका को भारत के साथ मिलकर तरक्की करनी है तो उसे यूपी की जरूरत पड़ेगी. सिद्धार्थनाथ सिंह यूपी के एक प्रतिनिधिमंडल को लेकर अमेरिका गए हैं. वाशिंगटन में उन्होंने कहा कि अमेरिकी सरकार को यह समझना होगा कि अगर उसे भारत के साथ कारोबार बढ़ाना है तो यूपी इसमें सबसे मजबूत कड़ी होगा. अन्य राज्यों में भी अमेरिकी कंपनियां कारोबार फैला सकती हैं. उन्होंने इसकी वजह बताते हुए कहा कि अगर भारत का हेल्थ इंडेक्स सुधारना है तो इसकी शुरुआत यूपी से ही होगी, क्योंकि आबादी के लिहाज से यूपी बड़े जनसंख्या घनत्व वाले भारतीय राज्यों में से एक है.
यूनिवर्सिटी प्रदेश सरकार के लिए एक ‘एनालिटिकल डेटा सेन्टर’ स्थापित करने में भी मदद करेगी। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री ने @SidharthNSingh ने @Stanford यूनिवर्सिटी का दौरा कर, वहां की चिकित्सा सुविधाओं का अवलोकन किया। pic.twitter.com/sC4av6TqBY
— Government of UP (@UPGovt) May 2, 2018
यूपी में निवेश की अपार संभावनाएं
सिंह इस दौरान कैलिफोर्निया की सिलिकॉन वैली में एक अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल से भी मिले. इसके बाद उन्होंने अमेरिकी सरकार के अफसरों से मुलाकात की और यूपी में निवेश के लिए उन्हें प्रेरित किया. उन्होंने कहा कि अगर अमेरिकी कंपनियां यूपी में निवेश करेंगी तो इससे उनके कारोबार में बढ़ोतरी होगी, क्योंकि यूपी बहुत बड़ा बाजार है और तमाम संभावनाएं हैं. हाल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वहां रक्षा निर्माण, आईटी और स्वास्थ्य क्षेत्रों में नए अवसर के लिए हब विकसित करने का ऐलान किया था. इसमें भारत के बड़े कॉरपोरेट-टाटा समूह, रिलायंस और अडानी ग्रुप ने निवेश में दिलचस्पी दिखाई है. कुछ बड़े शैक्षिक संस्थानों ने भी यहां अपने केंद्र खोलने का प्रस्ताव किया है.
Meeting pics with Intel,Medtronics, Cisco, Oracle, Uber, Variant in San Francisco pic.twitter.com/PTSiyulqE7
— Sidharth Nath Singh (@SidharthNSingh) May 2, 2018
ये बड़े कांट्रेक्ट साइन हुए
स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने अमेरिका की स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के साथ कुछ समझौते किए हैं. मीडिया रिपोर्टों में दावा है कि ये समझौते वैक्सीन, रेडिएशन एंड कैंसर बॉयोलॉजी सेंटर से संबंधित हैं. इसके तहत यूनिवर्सिटी यूपी में सहयोगी बढ़ाएगी. यूपी में विश्वविद्यालय एक एनालिटिकल डेटा सेंटर भी खोल सकता है.
इन मुद्दों पर भी होगी चर्चा
सिद्धार्थनाथ सिंह के कार्यक्रम में दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य कम्पनियों में से एक ‘मेडट्रॉनिक’ के अधिकारियों से भी मिलने का कार्यक्रम था. यह कंपनी उत्तर प्रदेश के हर जिले में कैथ लैब खोलने में दिलचस्पी ले रही है. प्रदेश के द्वितीय श्रेणी के शहरों में अपनी सेवा का विस्तार करने की इच्छुक ‘उबर‘ के अधिकारियों से भी मुलाकात करना कार्यक्रम का हिस्सा था. मास्टरकार्ड और वीजा कार्ड ने भी उत्तर प्रदेश में अपना व्यापार फैलाने में रुचि दिखाई है.
अमृतसर (एएनआइ)। आखिरकार पाकिस्तान की जेल में पिछले 5 साल से बंद भारतीय नागरिक जितेंद्र अर्जुनवार रिहा हो गया। जितेंद्र के स्वदेश लौटने पर न सिर्फ उनका परिवार बल्कि पूरे देश में खुशी का माहौल है। पाकिस्तान की जेल से रिहा होने के बाद मध्यप्रदेश के निवासी जितेंद्र ने राहत की सांस लेते हुए कहा कि वे अपने वतन लौटकर बहुत खुशी महसूस कर रहे हैं। जितेंद्र ने बताया कि वे टीबी और कैंसर की बीमारी से जूझ रहे हैं। उन्होंने कहा, 'मेरा पाकिस्तान की जेल में इलाज किया गया और अब मैं वापस लौटकर काफी खुश हूं।'
अटारी नायब तहसीलदार करणपाल सिंह ने कहा कि उन्हें अर्जुनवार को आइसीपी अटासी से अस्पताल ले जाने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। उन्होंने कहा, 'मुझे जितेंद्र अर्जुनवार को आइसीपी अटारी से अस्पताल ले जाने की जिम्मेदारी दी गई। उन्हें चिकित्सा अधिकारियों के साथ एम्बुलेंस के माध्यम से लाया गया।' पाकिस्तानी विदेश कार्यालय ने बुधवार को घोषणा की कि वह खराब स्वास्थ्य के कारण भारतीय कैदी जितेंद्र अर्जुनवार को रिहा कर रहे हैं। बता दें कि पहले जितेंद्र को 4 मई को रिहा करने की जानकारी दी गई थी, लेकिन उन्हें 1 दिन पहले ही रिहा कर दिया गया।
स्वास्थ्य परीक्षण के बाद सिवनी होंगे रवाना
रिहाई के बाद जितेंद्र को बाघा बॉर्डर पर बीएसएफ के हवाले कर दिया गया। जिसके बाद वहां जितेंद्र का स्वास्थ्य परीक्षण करवाया गया। बता दें कि जितेंद्र को अभी 2 से 4 दिन स्वास्थ्य परीक्षण के लिए बाघा बॉर्डर पर ही रखा जाएगा। पूरी तरह से स्वास्थ्य परीक्षण के बाद ही उसे सिवनी अपने घर भेजा जाएगा। स्वास्थ्य परीक्षण के बाद बाघा बॉर्डर से जितेंद्र को उसके भाई भरत के साथ पूरी सुरक्षा व्यवस्था के साथ सिवनी के लिए रवाना कर दिया जाएगा।
5 साल बाद स्वदेश लौटे जितेंद्र
करीब पांच सालों से पाकिस्तानी जेल में बंद मध्य प्रदेश का 20 वर्षीय जीतेंद्र अर्जनवार भारत लौट आया है। मध्य प्रदेश के सिवनी जिले के बरघाट गांव का निवासी जीतेंद्र 12 अगस्त, 2013 को घर से झगड़कर राजस्थान की ओर निकल गया था। वहां अजमेर से सीमा पारकर पाकिस्तान जा पहुंचा। पाकिस्तानी रेंजर्स ने उसे पकड़कर सिंध की हैदराबाद सेंट्रल जेल में बंद कर दिया। करीब साल भर बाद जून 2014 में उसकी सजा पूरी हो गई। लेकिन उसकी रिहाई तब तक संभव नहीं थी, जब तक कि भारत उसे अपने नागरिक रूप में स्वीकार न कर ले। कुछ दिन पहले ही यह प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद जीतेंद्र को कराची जेल से रिहा कर दिया गया और आज वे स्वदेश लौट आए हैं।
By Nancy Bajpai
वैसे आज आप सभी को, भारत की आज़ादी के 70 वर्षों में जितने भी प्रधानमंत्री, पर्यावरण मंत्री, नेता और Bureaucrats हुए हैं, उन्हें भी दिल से मुबारकबाद देनी चाहिए. क्योंकि, इन सरकारों और सिस्टम की वजह से हमारा देश प्रदूषण के मामले में विश्व विजेता बन गया है. और World Health Organization ने इसके लिए हमें प्रदूषित शहरों वाला Gold Medal भी दे दिया है. WHO की रिपोर्ट बताती है, कि दुनिया के 10 में से 9 लोग प्रदूषित हवा में सांस ले रहे हैं. और इस प्रदूषण की वजह से हर साल 70 लाख लोगों की मौत हो रही है. लेकिन सबसे ज़्यादा शर्म की बात ये है, कि दुनिया के 15 सबसे प्रदूषित शहरों में से 14 शहर, हमारे देश भारत के हैं. दुनिया के 15 सबसे प्रदूषित शहरों की लिस्ट में कानपुर पहले स्थान पर है.
इसके बाद फरीदाबाद, वाराणसी, गया, पटना, दिल्ली, लखनऊ, आगरा, मुज़फ़्फ़रपुर, श्रीनगर, गुरुग्राम, जयपुर, पटियाला और जोधपुर का नंबर आता है. ये आंकड़े इन शहरों की ज़हरीली हवा के आधार पर जारी किये गये हैं. इस लिस्ट को बनाने के लिए 4 हज़ार से ज़्यादा शहरों की हवा में PM 2.5 और PM 10 जैसे छोटे-छोटे कणों की मौजूदगी का अध्ययन किया गया. WHO के Database से पता चलता है, कि वर्ष 2010 से 2014 के बीच में दिल्ली के प्रदूषण स्तर में मामूली सुधार हुआ. लेकिन 2015 के बाद फिर से हालात बिगड़ने लगे. कुछ ऐसी ही स्थिति बाकी 13 शहरों की भी है.रिपोर्ट में हैरान करने वाली बात ये है, कि ज़्यादातर शहर उत्तर भारत के हैं. यानी अगर आप भी इन शहरों में रहते हैं, तो आपको सावधान हो जाना चाहिए.
हालांकि, WHO की रिपोर्ट आने के बाद पर्यावरण मंत्रालय की तरफ से एक बयान जारी किया गया है. जिसमें कहा गया है, कि प्रदूषण की ये रिपोर्ट पुराने Data के आधार पर तैयार की गई है. पर्यावरण मंत्रालय के मुताबिक, वर्ष 2016 के मुक़ाबले 2017 और 2018 में अभी तक प्रदूषण के स्तर में सुधार हुआ है. WHO ने जिन आंकड़ों के आधार पर ये रिपोर्ट तैयार की है, वो वर्ष 2010 से 2016 के दौरान अलग-अलग Sources से लिए गये थे.
यानी इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता, कि दुनिया में कुछ शहर ऐसे भी होंगे, जहां की स्थिति भारत के इन 14 शहरों से ज़्यादा ख़राब होगी. लेकिन नए Data उपलब्ध ना होने की वजह से उनका नाम इस List में ऊपर नहीं आ पाया. हालांकि, इसके बावजूद आपको ज़्यादा खुश होने की ज़रुरत नहीं है. क्योंकि Rank चाहे जो भी हो, प्रदूषण के मामले में हमारे देश के ज़्यादातर शहर एक दूसरे के साथ Competition कर रहे हैं.
वैसे बात सिर्फ वायु प्रदूषण की ही नहीं है. आज हमारे पास एक और डराने वाली जानकारी है. United Nations की Food and Agriculture Organization ने एक चौंकाने वाली बात कही है. FAO की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत, यूरोप और अफ्रीका के कुछ देशों में मां का दूध भी अशुद्ध हो गया है. जिसकी वजह से बच्चों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर चुनौती खड़ी हो गई है. इन देशों में मां के दूध में ख़तरनाक Chemicals का स्तर काफी ऊंचा पाया गया है.
रिपोर्ट में दावा किया गया है, कि मां के दूध में ये अशुद्धता, खेती में इस्तेमाल होने वाले कीटनाशकों और Chemicals की वजह से आई है. FAO का कहना है, कि दुनियाभर में प्रदूषित मिट्टी की वजह से खाद्य सुरक्षा और इंसानों की सेहत पर बुरा असर पड़ रहा है.रिपोर्ट के अनुसार औद्योगिक विकास, खनन और कृषि के लिए इस्तेमाल किए गए रसायनों से दुनिया भर में मिट्टी का प्रदूषण तेज़ी से बढ़ा है. इसके अलावा बढ़ते शहरीकरण ने इस समस्या को और गंभीर बना दिया है. इसमें शहरों में पैदा होने वाले कचरे की बहुत बड़ी भूमिका है.
यानी बात चाहे वायु प्रदूषण की हो या फिर प्रदूषित मिट्टी की हो. हम एक ऐसी पृथ्वी पर अपना जीवन जी रहे हैं, जो हमें धीमी मौत दे रही है. और इस प्रदूषण का इलाज करने के लिए हमें Technology और अनुशासन की ज़रूरत है. इन दोनों की मदद से प्रदूषण को दूर किया जा सकता है. दुनिया के कई देश ऐसा करने में सफल हुए हैं. लेकिन भारत में ऐसा नहीं होता. हमारे देश के लोगों की मानसिकता इतनी खराब हो चुकी है, कि अगर लोगों के लिए कोई लाभदायक योजना या Technology लाई भी जाती है तो लोग उसका जमकर दुरुपयोग करते हैं
लोगों को स्मार्टफोन मिल जाता है तो वो ड्राइविंग करते हुए भी लगातार उसका इस्तेमाल करते रहते हैं.फिर चाहे इससे किसी की जान ही क्यों ना चली जाए.फ्री इंटरनेट दिया जाता है तो उसका भी गलत इस्तेमाल शुरू हो जाता है. लोग हर वो चीज़ देखते हैं, जो उन्हें नहीं देखनी चाहिए. लोग इंटरनेट के ज़रिए अफवाह फैलाते हैं, दंगे करवाते हैं, पत्थरबाज़ी करवाते हैं.लोगों को ई-शॉपिंग की सुविधा मिलती है तो Online धोखाधड़ी शुरू हो जाती है. डेटा की चोरी शुरू हो जाती है.इसी तरह एक्सप्रेस हाईवे बनाए जाते हैं तो लोग आंधी-तूफान की गति से गाड़ियां चलाते हैं, और किसी नियम का पालन नहीं करते.
लोग मौका मिलते ही सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाते हैं, चाहे उससे लोगों को कितनी ही सुविधाएं क्यों ना मिल रही हों.बिजली मिलती है तो उसकी चोरी शुरू हो जाती है. बच्चों के खेलने के लिए पार्क मिलता है तो वहां पर अवैध कब्ज़े हो जाते हैं. साफ सुथरा शहर मिलता है तो लोग वहां पर गंदगी फैलाना शुरू कर देते हैं.हमारे देश में फोन आ गया, इंटरनेट आ गया, लेकिन लोगों को इनका इस्तेमाल करने का सलीका नहीं आया. जितनी तेज़ी से विकास हो रहा है और जितनी तेज़ी से हमें technology मिल रही है. उतने ही बड़े पैमाने पर लोग तमाम सुविधाओं का दुरुपयोग कर रहे हैं. और इस दुरुपयोग पर कोई लगाम भी नहीं लग पाती क्योंकि भारत की जनसंख्या बहुत ज़्यादा है. 133 करोड़ लोगों की जनसंख्या को संभालना, उसे अनुशासित करना, उस पर नज़र रखना और ज़रूरत पड़ने पर उसे सज़ा देना बहुत मुश्किल काम है.