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Friday, May 4, 2018

अमेरिका के इस द्वीप पर 24 घंटे में 250 बार आया भूकंप, शांत पड़े ज्‍वालामुखी में हुआ विस्‍फोट

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हवाई के गवर्नर डेविड इगे ने कहा कि उन्होंने हजारों लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए नेशनल गार्ड के सैन्य संरक्षकों को सक्रिय किया है.





अमेरिका के इस द्वीप पर 24 घंटे में 250 बार आया भूकंप, शांत पड़े ज्‍वालामुखी में हुआ विस्‍फोट

हवाई के सक्रिय ज्वालामुखी किलाएवा से उठता धुएं का गुब्‍बार. (Reuters/4 May, 2018)







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Video Of Encounter Of Hizbul Terrorist Samir Tiger Viral - Video: आतंकी समीर टाइगर को मेजर शुक्ला ने कुछ इस कदर किया ढेर

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Video Of Encounter Of Hizbul Terrorist Samir Tiger Viral - Video: आतंकी समीर टाइगर को मेजर शुक्ला ने कुछ इस कदर किया ढेर- Amar Ujala Hindi News















































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साहित्य के क्षेत्र में इस साल नहीं दिया जाएगा नोबेल पुरस्कार, सेक्स स्कैंडल में फंसी हैं संस्था

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स्वीडिश अकादमी की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि ‘अकादमी की छवि को हुई क्षति और इसके प्रति लोगों में विश्वास की कमी को देखते हुए यह निर्णय किया गया.’ 





साहित्य के क्षेत्र में इस साल नहीं दिया जाएगा नोबेल पुरस्कार, सेक्स स्कैंडल में फंसी हैं संस्था

अकादमी ने कहा कि 2018 का पुरस्कार 2019 में दिया जाएगा.







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Thursday, May 3, 2018

अमरनाथ गुफा से बाबा बर्फानी की पहली तस्वीर सामने आई, इस बार 20 दिन ज्यादा चलेगी तीर्थयात्रा

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हिमालय में स्थित पवित्र अमरनाथ गुफा से गुरुवार को बाबा बर्फानी की पहली तस्वीर सामने आई। गुफा में बर्फ से बने 12 फीट के प्राकृतिक शिवलिंग के दर्शन के लिए दक्षिण कश्मीर में तीर्थयात्रा की शुरुआत 28 जून से होगी। इस बार अमरनाथ यात्रा की अवधि 20 दिन ज्यादा होगी और यह रक्षाबंधन के दिन 26 अगस्त को खत्म होगी। इसके लिए देशभर के एक लाख से ज्यादा श्रद्धालु रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं। यात्रा के दौरान जम्मू में 4 जगहों पर मौके पर भी रजिस्‍ट्रेशन की सुविधा उपलब्ध रहेगी।


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गुजरात के इस थाने में हाफ पैंट वालों की एंट्री बैन, पूरे कपड़ों में ही सुनी जाएगी शिकायत

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 गुजरात के वड़ोदरा के जेपी रोड स्थित थाने में शॉर्ट्स को बैन कर दिया गया है. इस पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराने जाने से पहले पूरे कपड़े पहनें. 





गुजरात के इस थाने में हाफ पैंट वालों की एंट्री बैन, पूरे कपड़ों में ही सुनी जाएगी शिकायत

जेपी रोड स्थित पुलिस स्टेशन में लगाई गई है सूचना







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So This Is The Reason Of Terrible Storm - 75 की मौत: तो इस वजह से आया था भयानक तूफान, 2 दिन इन इलाकों में रहेगा असर

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स्काईमेट वेदर के मौसम विज्ञानी महेश पलावत ने बताया, सात राज्यों में आई भयानक आंधी के दो मुख्य कारण हैं। जम्मू एवं कश्मीर में बुधवार को आया नया पश्चिमी विक्षोभ और उत्तरी राजस्थान, हरियाणा एवं पंजाब में बना चक्रवाती हवा का क्षेत्र। यह पश्चिमी विक्षोभ पाकिस्तान की ओर से आया है। 

वैज्ञानिक पलावत के मुताबिक चक्रवाती हवा के क्षेत्र से दो जगहों पर हरियाणा और उत्तरी राजस्थान में गरजने वाले बादल बन गए। वहीं चक्रवाती हवा के क्षेत्र वाले इन इलाकों से पूर्व की ओर बिहार तक निम्न दबाव की रेखा बन गई। हरियाणा में बने गरजने वाले बादल आगे बढ़े और पूर्वी हरियाणा से लेकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश तक जबरदस्त आंधी-बारिश ले आए। 

वहीं उत्तरी राजस्थान के गरजने वाले बादल अलवर आदि शहरों से होते हुए आगरा समेत पूरे मध्य उत्तर प्रदेश में आंधी ले आए। 100 किलोमीटर की रफ्तार से हवा चली। पेड़ गिरे और भारी तबाही हुई। राजस्थान में तो 140 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने का दावा किया जा रहा है। 

दो दिन रहेगा असर
तीन और चार मई के दौरान भी यह दबाव का क्षेत्र बना रहेगा, लेकिन तेज आंधी-तूफान की संभावना कम है। हालांकि पूरे मई में प्री मानसून सीजन में रह-रहकर देश के अलग-अलग इलाकों में आंधी तूफान आते रहेंगे।  

मौसम विभाग का अनुमान हुआ फेल
मौसम विभाग ने एक से चार मई के बीच पूर्वोत्तर भारत में आंधी का अनुमान लगाया था। वहीं राजस्थान समेत उत्तर भारत में आंधी-तूफान का कोई अलर्ट जारी नहीं किया था। हालांकि निजी मौसम एजेंसी जैसे स्काईमेट ने उत्तर भारत में आंधी की आशंका जाहिर की थी। 

क्यों आती है आंधी
राजस्थान भूमध्य रेख के इर्दगिर्द है। इस क्षेत्र में वायु मंडलीय दबाव कम होता है। दबाव सीमा से अधिक पहुंचने पर ठंडी शुष्क हवा जमीन की ओर आती है। वहीं जमीन की हवा ऊपर की ओर उठती है। हवा की रफ्तार ज्यादा होने पर यह आंधी बन जाती है।

क्या होता है निम्न दबाव का क्षेत्र
जिस क्षेत्र में वायु का दबाव आसपास के क्षेत्र से कम हो जाता है, उसे निम्न दबाव का क्षेत्र कहते हैं। इससे बारिश होती है। 

पश्चिमी विक्षोभ
भूमध्यसागर से उठी तूफानी हवा को पश्चिमी विक्षोभ कहते हैं। इससे उत्तर पश्चिमी भारत में शीत ऋतु में बर्फबारी होती है। वहीं मानसून के इतर गर्मियों और सर्दियों में इससे तेज हवाएं चलती हैं।


स्काईमेट वेदर के मौसम विज्ञानी महेश पलावत ने बताया, सात राज्यों में आई भयानक आंधी के दो मुख्य कारण हैं। जम्मू एवं कश्मीर में बुधवार को आया नया पश्चिमी विक्षोभ और उत्तरी राजस्थान, हरियाणा एवं पंजाब में बना चक्रवाती हवा का क्षेत्र। यह पश्चिमी विक्षोभ पाकिस्तान की ओर से आया है। 


वैज्ञानिक पलावत के मुताबिक चक्रवाती हवा के क्षेत्र से दो जगहों पर हरियाणा और उत्तरी राजस्थान में गरजने वाले बादल बन गए। वहीं चक्रवाती हवा के क्षेत्र वाले इन इलाकों से पूर्व की ओर बिहार तक निम्न दबाव की रेखा बन गई। हरियाणा में बने गरजने वाले बादल आगे बढ़े और पूर्वी हरियाणा से लेकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश तक जबरदस्त आंधी-बारिश ले आए। 

वहीं उत्तरी राजस्थान के गरजने वाले बादल अलवर आदि शहरों से होते हुए आगरा समेत पूरे मध्य उत्तर प्रदेश में आंधी ले आए। 100 किलोमीटर की रफ्तार से हवा चली। पेड़ गिरे और भारी तबाही हुई। राजस्थान में तो 140 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने का दावा किया जा रहा है। 

दो दिन रहेगा असर
तीन और चार मई के दौरान भी यह दबाव का क्षेत्र बना रहेगा, लेकिन तेज आंधी-तूफान की संभावना कम है। हालांकि पूरे मई में प्री मानसून सीजन में रह-रहकर देश के अलग-अलग इलाकों में आंधी तूफान आते रहेंगे।  

मौसम विभाग का अनुमान हुआ फेल
मौसम विभाग ने एक से चार मई के बीच पूर्वोत्तर भारत में आंधी का अनुमान लगाया था। वहीं राजस्थान समेत उत्तर भारत में आंधी-तूफान का कोई अलर्ट जारी नहीं किया था। हालांकि निजी मौसम एजेंसी जैसे स्काईमेट ने उत्तर भारत में आंधी की आशंका जाहिर की थी। 

क्यों आती है आंधी
राजस्थान भूमध्य रेख के इर्दगिर्द है। इस क्षेत्र में वायु मंडलीय दबाव कम होता है। दबाव सीमा से अधिक पहुंचने पर ठंडी शुष्क हवा जमीन की ओर आती है। वहीं जमीन की हवा ऊपर की ओर उठती है। हवा की रफ्तार ज्यादा होने पर यह आंधी बन जाती है।

क्या होता है निम्न दबाव का क्षेत्र
जिस क्षेत्र में वायु का दबाव आसपास के क्षेत्र से कम हो जाता है, उसे निम्न दबाव का क्षेत्र कहते हैं। इससे बारिश होती है। 

पश्चिमी विक्षोभ
भूमध्यसागर से उठी तूफानी हवा को पश्चिमी विक्षोभ कहते हैं। इससे उत्तर पश्चिमी भारत में शीत ऋतु में बर्फबारी होती है। वहीं मानसून के इतर गर्मियों और सर्दियों में इससे तेज हवाएं चलती हैं।




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