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Saturday, May 5, 2018

Structure in South delhi personal property as the revenue records according to INTACH | साउथ दिल्‍ली में मंदिर में बदला गया 'गुंबद' मुगलों ने बनाया था

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नई दिल्ली : दक्षिणी दिल्ली के सफदरजंग एनक्लेव के हुमायूंपुर गांव में एक छोटे मकबरे को मंदिर में तब्दील किए जाने का मामला दिनों-दिन तूल पकड़ता जा रहा है. उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के जांच के आदेश जारी करने के बाद अधिकारियों के बयान सामने आ रहे हैं. इंडियन नेशनल ट्रस्ट फॉर आर्ट एंड कल्चरल हेरिटेज के  प्रोजेक्ट डॉयरेक्टर अमित कुमार का कहना है, '1920-30 के काग़ज़ात के हिसाब से यह मकबरा है लेकिन मेरे लिए यह एक आकृति है, यह आकृति 500 साल पुरानी है इसलिए काफी खास है.'


उन्होंने कहा, 'पिछले 7-8 महीने में हमारी टीम 5-6 बार लोकेशन पर गई थी लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि यह गुबंद उनकी निजी संपत्ति का हिस्सा है. उन्होंने बताया कि लोगों के पास इस गुबंद को बनवाने और रिवेन्यु रिकॉर्ड्स भी उनके पास हैं.' इसलिए वो इसे संरक्षित करने और अन्य कार्रवाई करने में असमर्थ हैं.


 



 



 


स्थनीय लोगों ने बताया मंदिर
न्यूज एजेंसी ANI से बातचीत करते हुए हुमायूंपुर गांव के लोगों ने दावा किया है कि यहां पर मंदिर ही थी. कुछ लोगों ने कहा कि जब से उन्हें याद है यहां पर मंदिर ही था. स्थानीय लोगों ने कहा कि यहां पर मंदिर ही था, जिसकी रंगाई और साज-सज्जा का काम कुछ दिनों पहले ही खत्म हुआ है.


मनीष सिसोदिया ने दिए जांच के आदेश
इस मामले में दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कला, संस्कृति एवं भाषा विभाग ( एसीएल ) की सचिव को शनिवार तक रिपोर्ट जमा करने का भी निर्देश दिया. यह मामला खबरों में आने के बाद सिसोदिया का यह आदेश आया है. उप मुख्यमंत्री ने सचिव को दिए अपने आदेश में कहा कि धरोहर संपत्ति को नुकसान पहुंचाना कानून के खिलाफ है और एक गंभीर अपराध है. सचिव (एसीएल) घटना के ब्योरे और उनके द्वारा की गई कार्रवाई की जानकारी देते हुए रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा है. 


क्या है पूरा मामला
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक दक्षिणी दिल्ली के हुमायूंपुर गांव में 15वीं शताब्दी में बनी एक सांस्कृतिक धरोहर पर कुछ वक्त पहले ग्रामीणों द्वारा सालों से मंदिर होने का दावा किया गया. बताया जा रहा है कि मात्र दो महीने पहले यह एक छोटा गुंबद था, जिसे गुमटी के नाम से जाना जाता है. यह गुंबद तुगलक काल का है और दिल्ली सरकार की ओर से नोटिफाई ऐतिहासिक इमारत है. काफी वक्त से यह गुबंद जर्जर हालात में था, लेकिन दो महीने पहले कुछ ग्रामीणों ने इस गुंबद को सफेद और केसरिया रंग में रंगवा दिया, इसके बाद मूर्ति रखकर इसमें पूजा करने लगे. इसके बाद से ही इस बात को लेकर 


क्या कहते हैं पुरातत्व विभाग के दस्तावेज
रिपोर्ट्स के मुताबिक स्टेट अर्बन डिवेलपमेंट के 2010 के नोटिफिकेशन में गुमटी गुंबद को 767 ऐतिहासिक स्मारकों में शामिल किया गया है, पुरातत्व विभाग ने इस गुमची को 15वीं शताब्दी की ऐतिहासिक इमारत बताया है. दस्तावेजों के अनुसार यह गुंबद तुगलक या लोदी वंश के समय बनवाई गई थी. 




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Friday, May 4, 2018

Home ministry's new warning of storm for 4 states along with Delhi NCR

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नई दिल्ली : देश के कई राज्‍यों में तबाही मचा देने वाले आंधी-तूफान का खतरा अब भी टला नहीं है. गृह मंत्रालय की ओर से जारी अलर्ट में कहा गया है क‍ि चार राज्‍यों में फि‍र से आंधी तूफान आ सकता है. इसके लिए मंत्रालय ने नई चेतावनी जारी कर दी है. गृह मंत्रालय ने कहा है कि पश्चिम बंगाल, ओडिशा, बिहार और उत्तर प्रदेश में फिर से आंधी तूफान आ सकता है. सरकार के अांकड़ों के अनुसार, पिछले दो दिनों के दौरान पांच राज्यों में आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली गिरने से 124 व्यक्तियों की मौत हो गई है.


इन हादसों में 300 से अधिक लोग घायल हुए हैं. सबसे अधिक 73 व्यक्तियों की मौत उत्तर प्रदेश में हुई जबकि 91 अन्य घायल हो गए. गृह मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा कि राज्य में अधिकतर मौतें और लोगों के घायल होने की घटनाएं आगरा क्षेत्र में हुई. राजस्थान में कुल मिलाकर 35 व्यक्तियों की मौत हुई और 206 घायल हो गए. वहीं तेलंगाना में आठ, उत्तराखंड में छह और पंजाब में दो व्यक्तियों की मौत हुई है. तेलंगाना, उत्तराखंड और पंजाब में करीब 100 व्यक्ति घायल हुए हैं.



आंधी तूफान के बाद कई क्षेत्रों में बिजली की आपूर्ति बाधित हुई, क्योंकि कई पेड़ उखड़ गए और इससे बिजली के तार टूट गए. प्रभावित राज्यों में गत दो दिनों में बिजली के कम से कम 12000 खंभे गिर गए और 2500 ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हुए. गृह मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि चार राज्यों पश्चिम बंगाल, ओडिशा, बिहार और उत्तर प्रदेश में संभावित आंधी तूफान आने के बारे में एक ताजा चेतावनी जारी की गई. आंधी तूफान असम और मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के छिटपुट स्थानों पर आ सकता है.


जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, चंडीगढ़, और दिल्ली, पंजाब, बिहार, झारखंड, सिक्किम, ओड़िशा, उत्तर पश्चिम मध्यप्रदेश, तेलंगाना, रायलसीमा, उत्तर तटवर्ती आंध्र प्रदेश, अंदरूनी तमिलनाडु और केरल में छिटपुट स्थानों पर आंधी तूफान और तेज हवाएं चलने की आशंका है.



आगरा के पास आंधी के कारण हाईटेंशन लाइन के पोल का ऐसा हाल हो गया. फोटो : पीटीआई


इन राज्‍यों के ल‍िए भी चेतावनी जारी
तमिलनाडु और केरल में छिटपुट स्थानों पर भारी वर्षा हो सकती है, जबकि राजस्थान में छिटपुट स्थानों पर धूल भरी आंधी और आंधी तूफान आ सकता है. गृह मंत्रालय ने इसके साथ ही यह कहते हुए एक परामर्श जारी किया कि उत्तराखंड, असम और मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, उपरी हिमालयी पश्विम बंगाल और सिक्किम के छिटपुट स्थानों पर आंधी तूफान आ सकता है.


राजस्‍थान में धूल भरी आंधी की आशंका
जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब और पश्चिम बंगाल में छिटपुट स्थानों पर आंधी तूफान और तेज आंधी आने की आशंका है. एक अधिकारी ने कहा कि असम, मेघालय और त्रिपुरा में छिटपुट स्थानों पर भारी वर्षा हो सकती है. राजस्थान में छिटपुट स्थानों पर धूल भरी आंधी आ सकती है. इनपुट : भाषा




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